ओटीटी मंचों पर सामग्री विनियमित करने की जरूरत; युवा बिना सोचे इन्हें देख रहे हैं: भागवत

नागपुर, 20 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि ओटीटी मंचों पर प्रसारित सामग्री को विनियमित करने की जरूरत है क्योंकि युवा बिना सोचे-समझे ऐसी सामग्री देख रहे हैं।
भागवत ने यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विजयादशमी उत्सव में शस्त्र पूजन के बाद अपने संबोधन में कहा, विचार बोइए, तो कर्म की फसल काटेंगे; चरित्र बोएंगे तो प्रारब्ध का निर्माण होगा।
उन्होंने कहा, जब से हमने भावनात्मक एकता को भुला दिया है तब से हम कमजोर हो गए हैं।
भागवत ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और विविधताओं को स्वीकार करना व उनकी रक्षा करना हमारी पारंपरिक पहचान रही है।
उन्होंने ऑनलाइन सामग्री से युवाओं पर पड़ रहे बुरे प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा, ओटीटी मंचों पर प्रसारित सामग्री को विनियमित करने की जरूरत है क्योंकि युवा बिना सोचे-समझे ऐसी सामग्री देख रहे हैं।(भाषा)


