18 साल फर्जी डिग्री पर बीएमओ बना रहा मुन्नाभाई डॉक्टर : 10 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज, 32 बच्चों की मौत वाले बैगा अंचल बिरसा का मामला

एआई संवाददाता
बालाघाट (मध्य प्रदेश), 11अक्टूबर।मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बालाघाट जिले से मुन्नाभाई एमबीबीएस की तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है।बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के पद पर लंबे समय तक तैनात रहे डॉ.सुनील सिंह की एमबीबीएस की डिग्री फर्जी पाई गई है।कूटरचित दस्तावेजों के सहारे स्वास्थ्य विभाग को 18 सालों तक गुमराह करने वाले इस फर्जी डॉक्टर के खिलाफ बिरसा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
एक ही डिग्री पर दो जिलों में चल रही थी नौकरी :
फर्जीवाड़े की शुरुआत अप्रैल 2026 में तब सामने आई, जब विभाग को पता चला कि डॉ.सुनील सिंह नाम से दो व्यक्ति मध्य प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों, एक बिरसा (बालाघाट) और दूसरा देवास में, एक ही एमबीबीएस डिग्री पर सेवाएं दे रहे हैं।दोनों के शैक्षणिक दस्तावेजों में विश्वविद्यालय का नाम (अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा), पिता का नाम, जन्मतिथि और पासिंग ईयर बिल्कुल एक समान दर्ज था।
5 महीने की विभागीय जांच के बाद एफआईआर :
तत्कालीन सीएमएचओ द्वारा मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल और स्वास्थ्य आयुक्त को पत्र लिखे जाने के बाद 5 महीने तक जांच चली। रीवा विश्वविद्यालय और मेडिकल काउंसिल से सत्यापन में बिरसा वाले सुनील सिंह की डिग्री फर्जी साबित हुई। राज्य स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल के निर्देश पर 10 अक्टूबर 2026 की शाम प्रभारी बीएमओ डॉ.नरेश मारन की शिकायत पर आरोपी सुनील सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 340(2) और 336(3) (जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज) के तहत केस दर्ज किया गया है।
संवेदनशील समय में उजागर हुआ मामला :
आरोपी सुनील सिंह ने वर्ष 2008 में संविदा चिकित्सक के रूप में नौकरी शुरू की थी और 2012 से वह बैगा बहुल बिरसा क्षेत्र में पदस्थ था।यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि बिरसा क्षेत्र हाल ही में बीमारियों से 32 से अधिक बच्चों की दुखद मौतों को लेकर सुर्खियों में रहा है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट सख्त रुख अपना चुके हैं। प्रशासनिक और पुलिस टीमें अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ इन सालों में उसके द्वारा उठाए गए सरकारी वेतन और भत्तों की वसूली की विधिक प्रक्रिया शुरू कर रही हैं।



