छत्तीसगढ़

साइक्लोन ‘अर्नब’ से हुए नुक़सान को लेकर राहुल गांधी ने जताई चिंता

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अर्नब चक्रवात से हुए नुक़सान पर चिंता ज़ाहिर की है.

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं.

जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं. मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने अपने घर, आजीविका और सुरक्षा का एहसास खो दिया है.

राहुल गांधी ने मांग की, मैं सरकारों से अपील करता हूं कि इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार तक जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास की सुविधाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें.

साइक्लोन अर्नब के कारण तेज़ हवाएं और भारी के चलते आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसलों को नुक़सान पहुंचा है.

अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस खरीफ सीजन में राज्य में धान की कुल खेती का रकबा 37.53 लाख एकड़ है. इनमें से 26 लाख एकड़ साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं.

बीबीसी तेलुगू के मुताबिक़, कोनसीमा ज़िले में धान और केले की खेती को काफ़ी नुक़सान हुआ है. भार संख्या में नारियल के पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं. कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है.

आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ एक समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा ज़िले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं.

चक्रवात का तटीय ज़िलों में धान, कोनासीमा में नारियल और गोदावरी घाटी में केले और जलीय कृषि सहित प्रमुख फसलों की खेती पर गंभीर असर पड़ा है.

भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बाढ़ से हज़ारों एकड़ में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है, जिसके मुताबिक़ चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश से ओडिशा में मोहना के पास तप्तपानी घाट पर गजपति-गंजाम सीमा पर बड़ा भूस्खलन हुआ है.

एएनआई के मुताबिक़ पहाड़ियों से बड़ी मात्रा में मिट्टी और विशाल चट्टानें खिसककर सड़क पर जमा हो गई हैं, जबकि बहता पानी अब भी आवाजाही में बाधा डाल रहा है. वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है.

एक अन्य घटना में, गजपति जिले के मोहना के तहत लेडबांध के पास नेशनल हाईवे 326 को भारी नुकसान पहुंचा है.

यह हाईवे ब्रह्मपुर को दक्षिणी ओडिशा से जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है. हाईवे के कुछ हिस्से बह गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. रास्ता बंद होने के कारण यात्रियों को वापस लौटते देखा गया.(bbc.com/hindi)

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