छत्तीसगढ़

राजनांदगांव ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीता तृतीय सीनियर राज्य स्पीड हैंडबॉल खिताब

राजनांदगांव, 5 अक्टूबर। स्टेट स्कूल हैंडबॉल ग्राउंड पर आयोजित तृतीय सीनियर राज्य स्पीड हैंडबॉल प्रतियोगिता में राजनांदगांव की टीमों ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के फाइनल जीतकर खिताब अपने नाम किए। पुरुष वर्ग में 12 जिलों और महिला वर्ग में 6 जिलों की टीमों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता का शुभारंभ नगर निगम के महापौर मधुसूदन यादव ने किया। इस अवसर पर जिला एथलेटिक्स संघ के महासचिव रणविजय प्रताप सिंह, जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत जैन, सचिव वीरेंद्र सिंह भाटिया, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे और रामावतार जोशी मौजूद रहे।

महापौर ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है। यह अनुशासन, टीम भावना, मेहनत, धैर्य और संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि स्पीड हैंडबॉल जैसे तेज खेल में हर खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अतिथियों का स्वागत दिलीप गोस्वामी, फिरोज खान, पुष्पराज, रजा कुरैशी, विनायक गुप्ता, जयेश मुदलियार, महिमा यादव और हीरेंद्र यादव ने पुष्पगुच्छ देकर किया।

पुरुष वर्ग: राजनांदगांव विजेता, बिलासपुर उपविजेता

पुरुष वर्ग का फाइनल राजनांदगांव और बिलासपुर के बीच खेला गया। राजनांदगांव ने मुकाबला जीतकर विजेता का खिताब हासिल किया। आयोजकों के अनुसार, कुणाल यादव, कोविद यादव, शुभम मेश्राम, युवराज और सोमेश ने टीम के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। द्वितीय स्थान बिलासपुर और तृतीय स्थान रायपुर को मिला।

महिला वर्ग: राजनांदगांव ने बिलासपुर को हराया

महिला वर्ग का फाइनल भी राजनांदगांव और बिलासपुर के बीच हुआ। राजनांदगांव की टीम ने खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम में नेहा यादव, कनक जोगी, विद्या, ज्योति मंडावी, तनुजा और सविता शामिल रहीं। द्वितीय स्थान बिलासपुर और तृतीय स्थान बालोद को प्राप्त हुआ।

पुरस्कार वितरण पूर्व निगम अध्यक्ष शिव वर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता और खेल प्रमोटर विष्णु अग्रवाल तथा जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी भी उपस्थित रहे। विनायक गुप्ता, हीरेंद्र यादव, पुष्पराज, राहुल, जयेश मुदलियार, महिमा यादव और दिलीप गोस्वामी ने निर्णायक की जिम्मेदारी निभाई।

प्रतियोगिता का आयोजन जिला हैंडबॉल संघ के सहयोग से किया गया। फाइनल मुकाबलों के स्कोर आयोजकों ने जारी नहीं किए।

अनीता शर्मा

एक संवेदनशील और शांत स्वभाव की महिला हैं। घर-परिवार के बीच रहकर उन्होंने ज़िंदगी के छोटे-छोटे पड़ावों को करीब से देखा है। उन्हें सुबह की सैर, घर के आंगन में बैठकर चाय पीना और पुरानी पत्रिकाएँ पढ़ना पसंद है। वे आसपास के लोगों के सुख-दुख को दिल से महसूस करती हैं। उनकी सोच साफ और सीधी है — जो दिखे, वही कहें, बिना बढ़ा-चढ़ाए।

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