छत्तीसगढ़

बालाजी बिल्डर्स पर रेरा ने 20 लाख का अर्थदंड लगाया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 3नवंबर । छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण नेबिना पंजीयन भूखंडों की बिक्री करने वाले बालाजी बिल्डर्स पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। मामला भिलाई की दो भू-संपदा परियोजनाओं में बिना अनिवार्य पंजीयन के भूखंड बेचने से जुड़ा है। प्राधिकरण ने संबंधित प्रमोटर को दोनों परियोजनाओं का नियमानुसार रेरा पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए हैं।
प्राधिकरण के आदेश के मुताबिक, मेसर्स बालाजी बिल्डर्स के प्रोपराइटर जुगल किशोर तिवारी ने भिलाई के प्रियंका नगर स्थित खसरा नंबर 617/17 और आदर्श नगर स्थित खसरा नंबर 95/43 की जमीन पर भू-संपदा परियोजनाओं के तहत भूखंडों की बिक्री की थी। हालांकि, इन परियोजनाओं का छत्तीसगढ़ रेरा में अनिवार्य पंजीयन नहीं कराया गया था।

जांच के दौरान सामने आया कि प्रमोटर ने संबंधित जमीन का विभाजन कर भूखंड बेचे और खरीदारों से इसकी राशि भी प्राप्त की। इसके बावजूद परियोजनाओं का रेरा पंजीयन नहीं कराया गया। प्राधिकरण ने इसे भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन माना। रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 3 के तहत पंजीयन के दायरे में आने वाली किसी भी भू-संपदा परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसके भूखंडों या आवासीय इकाइयों का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग और बिक्री नहीं की जा सकती। इस नियम का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 59 के तहत बालाजी बिल्डर्स पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
इसके साथ ही प्रमोटर को अधिनियम की धारा 3 और 4 के प्रावधानों के अनुसार दोनों परियोजनाओं का पंजीयन कराने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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