ताजा खबर

दिल्ली-NCR में संशोधित GRAP लागू, प्रदूषण बढ़ने पर पार्किंग शुल्क, हाइब्रिड कक्षाएं और वर्क फ्रॉम होम के नियम

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) मंजूर कर दिया है। यह योजना तुरंत प्रभावी हो गई है, लेकिन इसमें शामिल पाबंदियां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बिगड़ने के साथ चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी। सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने पर पार्किंग शुल्क बढ़ाने, स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं चलाने और कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति सीमित करने जैसे कदम इस योजना में शामिल हैं।

CAQM की पूर्ण आयोग बैठक 28 सितंबर 2026 को हुई थी। आयोग ने मौजूदा GRAP अनुसूची में बदलाव मंजूर किए। संशोधित योजना में चार चरणों के तहत कुल 48 कार्रवाई बिंदु हैं। चरण-1 में 25, चरण-2 में 8, चरण-3 में 10 और चरण-4 में 5 कार्रवाई बिंदु रखे गए हैं। ऊंचा चरण लागू होने पर निचले चरणों के उपाय भी जारी रहते हैं।

AQI के आधार पर GRAP के चार चरण

चरण-1 तब लागू होता है जब दिल्ली का AQI 201 से 300 के बीच हो। इसे ‘खराब’ श्रेणी माना जाता है। चरण-2 में AQI 301 से 400 तक रहता है, जिसे ‘बहुत खराब’ कहा जाता है। चरण-3 में AQI 401 से 450 के बीच होता है, जिसे ‘गंभीर’ माना जाता है। सबसे सख्त चरण-4 तब लागू होता है जब AQI 450 से ऊपर चला जाए। इसे ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी कहा जाता है।

पार्किंग शुल्क, हाइब्रिड कक्षाएं और वर्क फ्रॉम होम

संशोधित योजना के तहत अधिकारी निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क बढ़ा सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि शुल्क तुरंत बढ़ा दिए गए हैं। शुल्क बढ़ाने का निर्णय संबंधित चरण लागू होने और सक्षम अधिकारियों के आदेश पर निर्भर करेगा।

चरण-3 लागू होने पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के स्कूलों में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड कक्षाओं का विकल्प दिया जा सकता है। चरण-4 में यह सुविधा कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 तक बढ़ाई जा सकती है।

प्रदूषण के सबसे गंभीर स्तर पर सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में उपस्थिति को 50 प्रतिशत तक सीमित करने पर विचार किया जा सकता है। शेष कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं।

ट्रक आवाजाही और निर्माण कार्यों पर रोक

चरण-4 में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी और सख्त हो सकती है। कुछ स्वच्छ ईंधन और बीएस-VI वाहनों को छूट मिल सकती है। पुरानी डीजल मालवाहक गाड़ियों पर अतिरिक्त रोक लग सकती है। प्रदूषण बढ़ने पर निर्माण और तोड़-फोड़ के कामों पर भी सख्त पाबंदी लगेगी।

चरण-3 लागू होने पर कुछ शर्तों के साथ आवश्यक काम, जैसे सड़कों की तत्काल मरम्मत और गड्ढे भरना, जारी रह सकते हैं। CAQM ने अधिकारियों को यह भी सलाह दी है कि नवंबर और दिसंबर में एनसीआर में आउटडोर खेल आयोजनों के समय में बदलाव पर विचार किया जाए, क्योंकि इस अवधि में खराब हवा का असर खासकर स्कूली बच्चों पर पड़ सकता है।

संशोधित GRAP में धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन और परिवहन से जुड़े दोहराए गए उपायों को चरण-1 में समेटा गया है। डीजी सेट और एनसीआर तथा आसपास के राज्यों से आने वाली बीएस-IV व उससे नीचे की बसों से जुड़े कुछ कदम अब चरण-2 के बजाय चरण-1 में रखे गए हैं। बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल या उससे नीचे के हल्के मोटर वाहनों पर रोक गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के साथ सोनीपत तक बढ़ाई गई है।

यह योजना सर्दियों में वायु गुणवत्ता बिगड़ने से पहले तैयारी के लिए बनाई गई है। किसी भी चरण के उपाय तभी लागू होंगे जब CAQM या संबंधित एजेंसियां उस चरण को आधिकारिक रूप से लागू करेंगी।

अनीता शर्मा

एक संवेदनशील और शांत स्वभाव की महिला हैं। घर-परिवार के बीच रहकर उन्होंने ज़िंदगी के छोटे-छोटे पड़ावों को करीब से देखा है। उन्हें सुबह की सैर, घर के आंगन में बैठकर चाय पीना और पुरानी पत्रिकाएँ पढ़ना पसंद है। वे आसपास के लोगों के सुख-दुख को दिल से महसूस करती हैं। उनकी सोच साफ और सीधी है — जो दिखे, वही कहें, बिना बढ़ा-चढ़ाए।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button