मरवाही में हाथियों के खतरे के बीच दिवाली की छुट्टी के पहले ही स्कूल बंद

छत्तीसगढ़ संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 4नवंबर।मरवाही वन परिक्षेत्र के नाका और मटियाडांड बीट सहित आसपास के गांवों में62हाथियों की मौजूदगी और उनके आक्रामक व्यवहार को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाया है। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के निर्देश पर मरवाही के विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा ने हाथी प्रभावित रेड जोन के नौ स्कूलों में4और5नवंबर को अवकाश घोषित किया है।
शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक6से11नवंबर तक दीपावली का अवकाश रहेगा। इस तरह संबंधित स्कूल4नवंबर से लगातार बंद रहेंगे। बीईओ संजय वर्मा ने3नवंबर को नाका संकुल केंद्र के संकुल शैक्षिक समन्वयक के नाम आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि इलाके में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। इसलिए दो दिन तक स्कूलों का संचालन बंद रखा जाए।
इन स्कूलों में प्राथमिक शाला नाका,मिडिल स्कूल नाका,प्राथमिक शाला चनवारीडांड,प्राथमिक शाला बहरीजोस्की,प्राथमिक शाला बिजाडांड,प्राथमिक शाला पोखरीडांड,मिडिल स्कूल पोखरीडांड,कोरचनपारा प्राथमिक शाला (मटियाडांड) और खपरैल टोला (टिपकापानी) का स्कूल शामिल है।
हाथी प्रभावित गांवों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखना शिक्षकों के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हाथियों के तीन-चार अलग-अलग समूहों में बंटकर घूमने से खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद शिक्षक अब तक अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो,इसके लिए कई बार गांव के भीतर घरों और बस्तियों में अस्थायी तौर पर कक्षाएं लगाई गईं। इस दौरान हाथियों की मौजूदगी आसपास के जंगलों में रही और कभी-कभी वे स्कूल या बस्ती से महज200मीटर की दूरी पर दिखाई दिए। ऐसे हालात में शिक्षक बेहद सतर्कता बरतते हुए बच्चों को पढ़ाते रहे। अब सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग ने दो दिन स्कूल बंद रखने का फैसला किया है।



