खंडहर भवनों को गिराकर बनाएंगे शापिंग कांप्लैक्स
राजनांदगांव: अपना जीवन काल पूरा कर चुके जर्जर भवनों को ढहाने की तैयारी नगर निगम ने तेज कर दी गई है। इनमें दीवानपारा क्षेत्र के पुत्री शाला भवन और गुड़ाखू लाइन का पुराना आयुर्वेदिक अस्पताल भवन शामिल है। इसके लिए निविदा जारी कर दी गई है। नवरात्र पर्व के बाद और दीपावली के पहले इन भवनों को ढहाया जाएगा। वहां पहले ही सर्वसुविधायुक्त व्यावसायिक भवन बनाने की योजना है। हालांकि खतरनाक हो चुके निजी और अन्य सरकारी भवनों को लेकर अभी ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं की गई है। यानी सिर पर हर पल मौत का खतरा वाले इन भवनों को फिलहाल गिराने की कोई योजना प्रशासन के पास नहीं है।
बड़े शहरों में बिल्डिंग गिरने की घटनाओं के बाद पिछले माह प्रशासन हरकत में आया। आनन-फानन में नए सिरे से सर्वे कराया। 30 से अधिक निजी व सरकारी भवनों को कंडम घोषित किया गया। फिर संबंधियों को फिर से नोटिस जारी कर खाली करने का आदेश दिया। ताकि ऐसे ढांचों को समय रहते ढहाया जा सके। सबसे खतरनाक स्थिति बीच बाजार में घनी आबादी व व्यस्तम व्यापारिक मार्ग गुड़ाखू लाइन में ढहने की कगार पर खड़ा नगर निगम का व्यावसायिक परिसर है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 30 दुकानों वाला व्यावसायिक परिसर है जो मोती तालाब के पार से किनारे है।पुराने गंज चौक पर उद्योग विभाग के कर्मचारी आवासीय परिसर में अभी भी कई परिवार निवासरत हैं जिसे दो दशक पहले खंडहर मान लिया गया है। इसके अतिरिक्त तुलसीपुर क्षेत्र के 24 क्वार्टर, सिविल लाइन के सरकारी आवास, पुलिस कार्यालय (एसपी आफिस) के पीछे दरारों से भरे पुलिस आवास भी कब अनहोनी का कारण बन जाए, कहा नहीं जा सकता। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन से लगे कालोनी में रेलवे के कई आवास खस्ता हालत में है। उन्हें भी तोड़ने की आवश्यकता है।
पर्व के बाद तोड़े जाएंगे
नगर निगम के नियंत्रण वाले दो जर्जर भवनों को तोड़ा जाना है। हम वहां सर्वसुविधायुक्त व्यावसायिक परिसर बनाने जा रहे हैं। इससे जनहानि से तो बचा ही जा सकेगा, निगम का राजस्व स्रोत भी खड़ा हो सकेगा। निजी जर्जर भवनों व आवासीय भवनों को स्वयं को तोड़ने पहल करनी होगी। हमने संबंधितों को नोटिस जारी किया है।
जीआर मरकाम, आयुक्त, नगर निगम

