नहीं हुई बहिष्कृत परिवार की सुनवाई अब हाईकोर्ट ने एफआइआर के आदेश दिए
राजनांदगांव: छुरिया विकासखंड के ग्राम गेरुघाट में इमली का पेड़ काटने के विवाद में गांव से बहिष्कृत परिवार की गुहार पर महीनों सुनवाई न होने के बाद अब हाईकोर्ट ने एफआइआर के निर्देश दिए हैं। करन यादव (28) ने यह याचिका दायर की थी।
बताया जा रहा है कि जून 2026 में करन ने अपने घर के करीब ईमली का पेड़ काट दिया था। इस मामले में पंचायत ने उस पर अर्थदंड लगाया। दंड न चुकाने पर उसने गांव से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके खिलाफ की गई शिकायतों पर भी कोई संज्ञान न लेने के आरोप हैं। इस संबंध में करन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां न्यायाधीश ने पुलिस को एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इधर, बीते छह सितंबर से करन ने अपने परिवार के साथ गांव छोड़ दिया है। बीते रविवार को गांव में आयोजित विधिक न्यायालय में भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया था। लेकिन करन यादव या उनके परिवार का कोई सदस्य इसमें शामिल नहीं हुआ। छुरिया थाना प्रभारी हरिनाथ रावत ने बताया कि करन यादव की शिकायत पर जांच जारी है। इस मामले में सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन प्रार्थी ने अब तक अपना बयान दर्ज नहीं करवाया है। उनके परिवार को पिछले दिनों आयोजित विधिक न्यायालय की जानकारी भी दी गई थी लेकिन वे इसमें भी शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी उन्हें नहीं है। गेरुघाट की सरपंच दलेश्वरी घावड़े ने कहा कि, जून में उपजे इस विवाद पर पहली बैठक में करन यादव ने अपनी गलती मानी थी। इसके बाद से वह किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि परिवार को गांव से बहिष्कृत करने का निर्णय कभी लिया ही नहीं गया।

