दुनिया में आए हो तो टाइम पास मत करो : मौलिकप्रभ
राजनांदगांव: खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य मौलिकप्रभ सागर ने कहा कि हम इस दुनिया में टाइम पास करने नहीं आए हैं तो फिर क्यों समय का उपयोग नहीं कर रहे हैं। यदि टाइम ऐसे ही बर्बाद करते रहे तो एक ऐसा टाइम भी आएगा कि हम स्वयं पास ( मर ) हो जाएंगे और हमको कुछ भी नहीं मिलेगा।
मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने बताया कि ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में शनिवार को मुनि मौलिकप्रभ सागर ने कहा कि स्वच्छ सोच और स्वच्छ ऊर्जा अपने लिए भी होना चाहिए।उन्होंने कहा कि आज हमें यह पता ही नहीं है कि हम इस दुनिया में क्यों आए हैं और क्या कर रहे हैं। हम यह सोच-विचार नहीं कर पा रहे हैं इसलिए हमारी आत्मा की स्थिति ऐसी हो रही है। सिर्फ पांच मिनट अपनी आत्मा के लिए दो तो आपका जीवन बदल जाएगा।
मुनि मौलिकप्रभ ने कहा कि क्या हम इस संसार में इधर-उधर घूमने ही आए हैं। आखिर हमने इस दुनिया में आकर किया ही क्या है? पाप तो हमें स्वयं को ही धोना होगा। पत्नी,बेटा – बेटी या कोई भी रिश्तेदार हमारा पाप नहीं धोएगा। इस दुनिया से जाने के बाद यह रिश्तेदार हमें भूल जाएंगे। यहां तक कि शरीर से अंगूठी – गहना सभी उतार लेंगे। मुझे “स्व” के बारे में सोचना है। यह शरीर तो क्षणभंगुर है। हम सब तो यहां टाइम पास कर रहे हैं। यह भव हमें मिला है क्या टाइम पास करने के लिए मिला है? एक ऐसा समय आएगा कि हमारा ही टाइम पास हो जाएगा और हम कुछ भी नहीं कर पाएंगे। मुनि ने कहा कि मोह और लोभ का नशा अनंतकाल से है जो हमें जकड़े हुए है। हम इनके पाश में बंधकर चलते ही जाते हैं। जिनके लिए हमने सब कुछ किया अंत में वे ही हमें छोड़ जाते हैं। इसलिए अभी भी समय है कुछ समय निकालिए और अपनी आत्मा के लिए समय निकालो और समय का सदुपयोग करें।
