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स्वच्छ भारत मिशन: ‘प्रगति-50’ पहल में भोपाल और उज्जैन का चयन, मॉडल शहर के रूप में होंगे विकसित

भोपाल: भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत शुरू की गई ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) पहल के लिए मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों, भोपाल और उज्जैन का चयन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के 50 चयनित शहरों को स्वच्छता, सैनिटेशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में ‘मॉडल शहर’ के रूप में विकसित करना है। इन शहरों में अब समयबद्ध और परिणाम-आधारित कार्यों को तेजी से लागू किया जाएगा।

बैठक में बनी आगामी रूपरेखा

प्रगति-50 पहल को लेकर हाल ही में आयोजित एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ऑनलाइन शामिल हुए। उनके साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इस बैठक में स्वच्छता के परिणामों को बेहतर बनाने, तकनीकी नवाचारों को अपनाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश इस पहल के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने बताया कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे न केवल इन महानगरों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि स्टार्टअप और औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को भी नई गति मिलेगी।

उज्जैन: सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष तैयारी

वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए इस पहल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके तहत निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी:

  • घाटों, सार्वजनिक शौचालयों और भीड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था का आधुनिकीकरण।
  • क्षिप्रा नदी की सफाई और उपयोग किए गए जल के प्रबंधन के लिए विशेष कार्ययोजना।
  • ‘ज़ीरो वेस्ट ईवेंट’ और ‘सर्कुलर सैनिटेशन मैनेजमेंट’ की अवधारणा को लागू करना।

भोपाल: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 पर फोकस

वर्ष 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मद्देनजर भोपाल को एक स्वच्छ, हरित और निवेश के अनुकूल महानगर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत ठोस कचरा प्रबंधन, जल का पुन: उपयोग और शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। शहर से कचरा संभावित स्थलों (Garbage Vulnerable Points) को खत्म कर पीपीपी (PPP) आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

मिशन मोड पर काम और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन

कचरा मुक्त और धूल मुक्त शहरों के सपने को साकार करने के लिए ‘मिशन मोड’ में काम किया जाएगा। घर-घर कचरा संग्रहण और वैज्ञानिक कचरा निस्तारण को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ और ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्वच्छता के क्षेत्र में युवाओं और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के सहयोग से स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और रीसाइक्लिंग से जुड़े नए स्टार्टअप्स को प्रारंभिक स्तर पर 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे स्वच्छता क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को सीधा लाभ मिलेगा।

पंकज कुमार वर्मा

एक शांत और सोचने वाले इंसान हैं। घर का माहौल सादगी भरा रहा। वे सुबह जल्दी उठते हैं, अखबार पलटते हैं और दिन भर देखी गई बातों को याद रखते हैं। दोस्तों के साथ बैठक, लंबी सैर और पुरानी फिल्में देखना उनका शौक है। वे दिखावे से दूर रहते हैं और बात को उसके असली रूप में रखना पसंद करते हैं।

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