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उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने जारी की 8 उम्मीदवारों की सूची, योगी-बीएल संतोष बैठक के बाद नामों पर लगी मुहर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को आठ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है और मतदान 16 अक्टूबर को होना है। सूची जारी होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के बीच लखनऊ में बैठक हुई।

बीएल संतोष सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली और 10 बजे तक जारी रही। बैठक में राज्यसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों, शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद संतोष सुल्तानपुर रवाना हुए, जहां काशी क्षेत्र की भाजपा-संघ समन्वय बैठक में उनकी भागीदारी तय थी।

बीजेपी की आठ नामों की सूची

केंद्रीय चुनाव समिति ने जिन आठ नामों को मंजूरी दी, वे हैं: धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार। सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के नाम नहीं हैं। इससे पहले स्मृति ईरानी और कुमार विश्वास समेत कई नामों की चर्चा चल रही थी, लेकिन अंतिम सूची में ये नाम शामिल नहीं हुए।

जारी सूची में तीन अन्य पिछड़ा वर्ग, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। ब्राह्मण चेहरे दो और राजपूत एक हैं। ओबीसी में एक-एक लोधी, पाल और कुर्मी उम्मीदवार हैं। धर्मपाल सिंह लोधी समुदाय से हैं और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। प्रकाश पाल पाल समुदाय से जुड़े हैं और संगठन में क्षेत्रीय मंत्री रह चुके हैं।

नामांकन और संख्याबल

चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हुई थी। नामांकन 6 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकते हैं। जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है।

नामांकन की अंतिम तिथि से पहले भाजपा ने नौ और समाजवादी पार्टी ने चार पर्चे खरीदे थे। विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर एनडीए आठ सीटें और सपा, कांग्रेस के समर्थन से, दो सीटें जीतने की स्थिति में है। अतिरिक्त उम्मीदवार उतरने पर दसवीं सीट पर मुकाबला हो सकता है। सपा पहले ही राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी के नाम घोषित कर चुकी है।

इन 10 सीटों में से आठ पर अभी भाजपा के सदस्य हैं, जबकि एक-एक सीट सपा और बसपा के पास है। कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। एक सीट पहले से खाली है, क्योंकि दिनेश शर्मा के अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बनने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हो चुका है। बसपा के पास विधानसभा में संख्याबल नहीं है, इसलिए उसकी सीट बरकरार रखना उसके लिए मुश्किल माना जा रहा है।

नवीन कुमार

झारखंड के परिवेश से जुड़े रहे हैं। पहाड़, जंगल और छोटे कस्बों की जिंदगी उन्होंने करीब से देखी है। परिवार में सादगी और मेहनत का मूल्य सिखाया गया। वे लोगों से मिलना, उनकी बात सुनना और स्थानीय मेलों-त्योहारों में शामिल होना पसंद करते हैं। उनकी पहचान सीधेपन और जमीन से जुड़े रहन-सहन से है।

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