अमित शाह के सामने पेश होगा बालाघाट का ₹400 करोड़ का विकास प्लान, मोहन सरकार बदलेगी आदिवासी क्षेत्रों की तस्वीर

भोपाल/बालाघाट: बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 400 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया है। इस मेगा प्लान का खाका मध्य प्रदेश दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने पेश किया जा रहा है। हाल ही में इन इलाकों में बच्चों की कुपोषण और बीमारी से हुई मौतों तथा विपक्ष (विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे) द्वारा उठाए गए सवालों के बाद राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों के कायाकल्प का निर्णय लिया है।
बालाघाट के 5 ब्लॉकों में होंगे 1,500 से अधिक विकास कार्य
राज्य सरकार ने बालाघाट के आदिवासी बहुल ब्लॉक— परसवाड़ा, बैहर, लांजी, बिरसा और किरनापुर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,500 से ज्यादा विकास कार्यों का खाका तैयार किया है। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की निगरानी में जनजातीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा 13 अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय कर इस योजना को एक साल के भीतर धरातल पर उतारेंगे।
सड़क और पुलिया निर्माण पर खर्च होंगे 269 करोड़ रुपये
योजना के तहत सबसे बड़ा हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से सड़कों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया गया है:
- 151 सड़कें और सीसी रोड: 268.94 करोड़ रुपये
- 69 पुलिया और कल्वर्ट: 34.02 करोड़ रुपये
- 60 स्टॉप डैम: 35.97 करोड़ रुपये
कुपोषण प्रभावित गांवों पर विशेष ध्यान, बनेंगे 20 नए हेल्थ सेंटर
डोंगरगांव, बोंदारी, कोंडेकसा, मछरदा, मातला और कोरका जैसे बैगा-गोंड बहुल गांवों में हाल ही में बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया गया है। इलाके में 20 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) बनाए जाएंगे। दूरदराज के इलाकों में निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के लिए इन स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 3.11 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन तैयार किए जाएंगे।
पेयजल और राशन वितरण की मजबूत व्यवस्था
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को पांचों ब्लॉकों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। किरनापुर और लांजी में नल-जल योजना का काम पूरा हो चुका है। जिन गांवों में नल-जल योजना के मानक पूरे नहीं होते, वहां वैकल्पिक व्यवस्था से शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही, अनाज वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए 6.87 करोड़ रुपये की लागत से नई राशन दुकानों और गोदामों का निर्माण किया जाएगा।
भोपाल में अमित शाह ने गौपालक सम्मेलन में लिया हिस्सा
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। भोपाल पहुंचने पर उन्होंने विशाल ‘गौपालक सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने हजारों दुग्ध उत्पादकों को बोनस वितरित किया और करोड़ों रुपये के डेयरी प्रोजेक्ट्स (उज्जैन के आधुनिक डेयरी प्लांट सहित) की सौगात दी। इसी दौरे के बीच बालाघाट के विकास का यह अहम रोडमैप उनके सामने रखा जा रहा है, ताकि आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिल सके।



