केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 50 से अधिक ड्रमों में हुए धमाके, आसमान में छाया धुएं का गुबार

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 8 अक्टूबर। दुर्ग जिले के हथखोज स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में सुप्रीम इंडस्ट्रीज के ठीक बाजू में स्थित श्री श्याम केमिकल फैक्ट्री में गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि फैक्ट्री में रखे केमिकल से भरे 50 से अधिक ड्रम और दो टैंकर इसकी चपेट में आ गए, जिससे लगातार हुए सिलसिलेवार धमाकों ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।
सीएसपी छावनी ने बताया कि शाम साढ़े 5 बजे तक 80 फीसदी आग पर काबू पा लिया गया है।
फैक्ट्री से उठ रहे काले धुएं का गुबार इतना घना और ऊंचा था कि भिलाई के आसपास के 4 से 5 किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुआं साफ तौर पर दिखाई देता रहा। दूर-दूर तक फैले धुएं के इस गुबार को देखकर आसपास के इलाकों में भी हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तुरंत फैक्ट्री के आसपास लोगों की आवाजाही को नियंत्रित कर दिया है।
दमकल की 12 गाडिय़ां और सीआईएसएफ की टीम जुटी
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई। भिलाई इस्पात संयंत्र, जिला प्रशासन और रायपुर से बुलाई गई दमकल की कुल 11 से 12 गाडिय़ां आग बुझाने में जुटी हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है।
फैक्ट्री के अंदर मौजूद फोम आग में जलकर खत्म हो जाने के कारण, सीआईएसएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने फोम के डिब्बे मंगवाकर नए सिरे से फोम के जरिए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया है। छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा और पुलिस बल के जवान भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को संभालने में जुटे हैं।
फैक्ट्री में नैफ्थलीन की बनती थीं गोलियां
प्राथमिक जानकारी के अनुसार इस फैक्ट्री में नैफ्थलीन का इस्तेमाल कर उसकी गोलियां बनाई जाती थीं, जिनका उपयोग आमतौर पर घरों में कॉकरोच आदि से बचाव के लिए अलमारियों में किया जाता है। इसे डामर गोली भी कहते हैं। अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
80 फीसदी आग पर पाया गया काबू
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद अब धीरे-धीरे आग पर काबू पाया जा रहा है। एसडीआरएफ के अनुसार लगभग 70 से 80 प्रतिशत आग को नियंत्रित किया जा चुका है, हालांकि पूरी तरह से आग बुझाने और नुकसान का सही आंकलन स्थिति पूरी तरह शांत होने के बाद ही किया जा सकेगा। आग लगने के दौरान कुछ मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
