सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे मिलेंगी 5 नई ऑनलाइन सेवाएं, कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति.. पढ़ें पूरी खबर।
विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आम नागरिकों तक सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की दिशा में एक और पहल की जा रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब पांच नई शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे नागरिकों को संबंधित कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इन सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी किए हैं।इन पांच सेवाओं का मिलेगा ऑनलाइन लाभसेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग की पांच सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
इनमें शामिल हैं—नलकूप खनन की अनुमति: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित नलकूप खनन की अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा।अमानत राशि की वापसी: निविदा स्वीकृति के बाद असफल ठेकेदारों की अमानत राशि वापस लेने से संबंधित सेवा।पेयजल स्रोतों का परीक्षण: पेयजल स्रोतों के परीक्षण से संबंधित सेवा।
स्थानांतरण प्रमाण पत्र: स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन।पशु रोग प्रकोप की जानकारी: पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के अंतर्गत एनिमल डिजीज आउटब्रेक इन्फॉर्मेशन से जुड़ी सेवा।
प्रशिक्षण के बाद शुरू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया
जारी निर्देशों के अनुसार, इन पांचों सेवाओं के ऑनलाइन संचालन और सेवा प्रदाय की प्रक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को प्रशिक्षण की तिथि, समय और स्थान निर्धारित कर जिला कार्यालय को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
समय और श्रम की होगी बचत
सेवा सेतु पोर्टल पर नई सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को शासकीय सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन कम होगा। इससे लोगों के समय और श्रम की बचत होगी तथा शासकीय सेवाओं की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
