CEC ज्ञानेश कुमार विवाद: भाजपा के 12 मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी का जवाब दिया, कांग्रेस सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी

चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कथित मतभेद की खबरों के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष के जवाब में भाजपा ने रविवार को अपने 12 मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए मैदान में उतारा।
कांग्रेस सोमवार को देशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन करने जा रही है। इससे एक दिन पहले भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गैर-भाजपा शासित राज्यों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों ने एक साथ मीडिया से बात की।
विवाद की पृष्ठभूमि
23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े कम से कम 14 फैसलों पर आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने इसे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और जांच की मांग की है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को प्रेस नोट जारी कर कहा कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और आंतरिक विचार-विमर्श सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट की व्याख्या को गलत बताया।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने पहले ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था और कहा था कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से उनके दावे की पुष्टि होती है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोमवार के प्रदर्शनों की तैयारी के लिए एक हजार से अधिक जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की।
राहुल गांधी ने रविवार को एक्स पर लिखा, “जब समुद्र में लहरें उफान पर हों, तब मुझे तैरना पसंद है। यह आपको सिखाता है कि उफान भी शांति का ही एक रूप है।”
भाजपा मुख्यमंत्रियों ने क्या कहा
भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बिना ठोस आधार के बदनाम करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयोग के शनिवार वाले स्पष्टीकरण के बाद मामला स्पष्ट हो चुका है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोई वोट चोरी नहीं हुआ है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संविधान की रक्षा के नाम पर संस्थाओं को बदनाम कर अराजकता फैलाना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दल SIR को लेकर जनता में जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सहयोगियों से चुनाव आयोग की आलोचना के लिए माफी मांगने को कहा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इंडिया गठबंधन को ‘हारने वालों का गठबंधन’ बताया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने SIR को जरूरी बताया और कहा कि बूथ कैप्चरिंग का जमाना खत्म हो चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना जायज है, लेकिन आंतरिक चर्चा के नोट को अंतिम फैसला बताकर आयोग की छवि खराब करना गलत है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार छिपाने के लिए 24 जून 2025 के उस आदेश पर झूठ फैला रही है, जो सर्वसम्मति से पास हुआ था।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, हरियाणा के नायब सिंह सैनी, गुजरात के भूपेंद्र पटेल और अन्य भाजपा नेताओं ने भी चुनाव आयोग का बचाव किया। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और अन्य राज्यों में भाजपा नेताओं ने भी इसी लाइन पर बयान दिए।
आगे की स्थिति
कांग्रेस सोमवार को जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी और SIR से जुड़े उन फैसलों को वापस लेने की मांग करेगी, जिन पर दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई बताई गई है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। भाजपा का कहना है कि विपक्ष संस्थाओं पर हमला कर जनता का विश्वास तोड़ना चाहता है।
चुनाव आयोग ने अपने प्रेस नोट में दोहराया है कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच आयोग की स्वायत्तता और SIR प्रक्रिया पर बहस जारी है।



