तीन हजार से ज्यादा चालकों का पंजीयन, बाकी को तीन दिन की मोहलत

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 9 अक्टूबर। शहर में ऑटो से सफर करने वाले यात्रियों को अब ड्राइवर की पहचान जानने के लिए किसी से पूछताछ करने की जरूरत नहीं होगी। ऑटो पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर यात्री ड्राइवर और वाहन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। बिलासपुर पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था शुरू की है।
पुलिस ग्राउंड स्थित चेतना भवन में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में योजना की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तथा ऑटो चालक शामिल हुए।
पुलिस के मुताबिक, पहले ही दिन 3,000 से अधिक ऑटो चालकों का QR कोड के जरिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन किया गया। जिले के सभी ऑटो चालकों को तीन दिन के भीतर पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था के तहत हर पंजीकृत ऑटो को एक अलग डिजिटल आईडी और क्यूआर कोड दिया जाएगा। कोड स्कैन करने पर यात्री को ड्राइवर की पहचान, लाइसेंस और वाहन से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकेगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान चालक की फोटो और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी डिजिटल रिकॉर्ड में रखे जाएंगे।
इससे खास तौर पर महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों को सफर के दौरान सहूलियत मिलने की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर यात्री वाहन और ड्राइवर की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा कर सकेंगे।



