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हिंदी विश्वविद्यालय में मूट कोर्ट का हुआ आयोजन,तार्किक बहस, दलीलों से विद्यार्थियों में दिखा व्यावहारिक कानूनी ज्ञान।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के विधि विभाग द्वारा 8 और 9 अक्टूबर को मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। मूट कोर्ट में बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने जोरदार तार्किक बहस और दलीलों के माध्यम से व्यावहारिक कानूनी ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए विधि विभाग के अधिष्ठाता प्रोफ़ेसर जनार्दन कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों के व्यावहारिक कानूनी ज्ञान और तार्किक क्षमता के संवर्धन में मूट कोर्ट की भूमिका को रेखांकित किया।प्रतियोगिता के पहले चरण में कुल 7 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रथम दौर के मुकाबलों में प्रतिभागियों ने विभिन्न कानूनी विषयों पर अपनी तीक्ष्ण तर्क-वितर्क क्षमता और न्यायशास्त्र की समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र एम. गुरु एवंरुचि चांडक तथा विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की दलीलों और केस प्रस्तुतीकरण का सूक्ष्मता से मूल्यांकन करते हुए उन्हें न्यायालय की कार्यप्रणाली तथा व्यावहारिक वकालत के गुण सिखाए।कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रोफेसर जनार्दन कुमार तिवारी एवं मूट कोर्ट प्रभारी डॉ. परमानंद राठौड़, डॉ वैभव सिंह यादव, डॉ नितेश कुमार सिंह, डॉ. ज्योति सोनी, सुश्री सुचिता नारायण नागपुरे, श्रुति नाथ का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा। अंतिम चरण 9 अक्टूबर को विधि विभाग के मूट कोर्ट हॉल में संपन्न हुआ।निर्णायक मण्डल के रूप विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रोफेसर जनार्दन कुमार तिवारी,वर्धा के वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र एम. गुरु एवं हरीश चांडक ने प्रतियोगिता को अंतिम रूप दिया।

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