एशियाई खेल: नीरू ढांडा बनीं महिला ट्रैप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय, बनाया नया रिकॉर्ड

नायब सूबेदार नीरू ढांडा एशियाई खेलों की महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। 26 वर्षीय हरियाणा की शूटर ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में आयोजित फाइनल में 30 में से 28 टारगेट हिट कर यह उपलब्धि हासिल की। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। पिछला रिकॉर्ड 24 हिट का था। यह जीत उन्होंने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के लगभग 10 दिन बाद दर्ज की।
यह भारत का 2026 एशियाई खेलों का पांचवां स्वर्ण और इस संस्करण का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है। चीन की सुन युनोंग ने 26 हिट के साथ रजत तथा कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक ने 21 हिट के साथ कांस्य पदक जीता।
टीम रजत और क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड
फाइनल से पहले नीरू ढांडा ने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक भी जीता। भारतीय टीम का कुल स्कोर 328 रहा। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण तथा कुवैत ने 325 अंकों के साथ कांस्य हासिल किया। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में ढांडा ने 125 में से 118 शॉट्स दर्ज कर कतर की रे बासिल के साथ शीर्ष स्थान साझा किया। यह स्कोर गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड माना गया। अहलावत 106 और कीर 104 अंकों के साथ व्यक्तिगत फाइनल में नहीं पहुंच सकीं।
प्रतियोगिता आइची प्रेफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में हुई। फाइनल के दौरान तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रहा और बारिश जारी रही। गीले उपकरण और फिसलन भरी परिस्थितियों के बावजूद ढांडा ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
बीमारी के बाद मैदान पर वापसी
प्रतियोगिता से ठीक पहले ढांडा की भागीदारी अनिश्चित दिख रही थी। कोच पीटर विल्सन के अनुसार फाइनल से करीब 10 दिन पहले उन्हें संदिग्ध एच1एन1 संक्रमण के कारण अस्पताल में तीन दिन बिताने पड़े। इस दौरान कई दिन वे केवल तरल पदार्थ पर निर्भर रहीं और राष्ट्रीय शिविर में पर्याप्त ट्रेनिंग नहीं कर सकीं। विल्सन ने इस अवधि को भावनात्मक उतार-चढ़ाव वाला दौर बताया।
भोपाल में उनके साथ काम करने वाले पूर्व ओलंपियन मानशेर सिंह ने कहा कि मजबूत ट्रेनिंग बेस होने पर कुछ सप्ताह का अंतर भी कवर किया जा सकता है। ढांडा ने बताया कि उन्होंने खुद को शांत रखने के लिए यह सोच दोहराई कि तूफान आने पर भी नजरें लक्ष्य पर रखनी हैं। वे भारतीय सेना की आर्मी मार्कमैनशिप यूनिट से जुड़ी हैं और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार हैं।
48 साल बाद व्यक्तिगत ट्रैप स्वर्ण
भारतीय शूटिंग इतिहास में यह ट्रैप अनुशासन के लिए बड़ा पड़ाव है। 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में रणधीर सिंह व्यक्तिगत ट्रैप स्वर्ण जीतने वाले अंतिम भारतीय थे। रंजन सोढ़ी ने 2010 में पुरुष डबल ट्रैप में स्वर्ण जीता था, लेकिन इससे पहले किसी भारतीय महिला ने ट्रैप या स्कीट में व्यक्तिगत पदक नहीं जीता था।
ढांडा ने खेल की शुरुआत अपने ममेरे भाई लक्ष्य श्योराण को 2018 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतते देखने के बाद की। शुरुआती अभ्यास पारिवारिक डबल-बैरल गन से हुआ। बाद में वे पेशेवर प्रशिक्षण के लिए भोपाल की मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी से जुड़ीं।
2026 में उन्होंने इटली के लोनाटो में आईएसएसएफ शॉटगन वर्ल्ड कप का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतकर यह करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2025 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने व्यक्तिगत और टीम स्वर्ण भी जीते थे। एशियाई खेल 4 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे।



