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नारनौल में यातायात नियमों की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई: 12 हजार चालान, 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला

नारनौल: जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अगस्त और सितंबर माह के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 12 हजार चालान काटे गए हैं। इन चालानों के माध्यम से प्रशासन ने लगभग 2.35 करोड़ रुपये की कंपोजिशन फीस वसूल की है। यह जानकारी मंगलवार को लघु सचिवालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा के लिए आयोजित एक विशेष बैठक में दी गई।

सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का सख्त रुख

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने स्पष्ट किया कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है। नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यातायात नियमों का प्रभावी पालन अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

स्कूल बसों की तकनीकी जांच और कार्रवाई

सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत अगस्त और सितंबर में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान उठाए गए प्रमुख कदम:

  • जिले में लगभग 830 स्कूल बसों की तकनीकी जांच की गई।
  • नियमों की अनदेखी और लापरवाही बरतने वाली 95 स्कूल बसों के चालान किए गए।

अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करें, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

ब्लैक स्पॉट और बुनियादी ढांचे में सुधार के निर्देश

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एडीसी ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं:

  • जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की जल्द पहचान कर आवश्यक सुधार कार्य तुरंत किए जाएं।
  • सड़कों पर बने अवैध कटों को पूरी तरह से बंद किया जाए।
  • खराब पड़ी ट्रैफिक लाइटों की समय पर मरम्मत कराई जाए।
  • रेलवे अंडरपास पर उचित मार्किंग और लाइटिंग का काम पूरा किया जाए।
  • प्रमुख चौराहों पर सड़क मार्किंग करने के साथ-साथ अवैध विज्ञापन बोर्डों को हटाने का कार्य समय पर हो।

यातायात जागरूकता और अधिकारियों की मौजूदगी

समीक्षा बैठक के दौरान एडीसी ने अधिकारियों से आह्वान किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को एक जन-अभियान के रूप में चलाया जाए। आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएमसी रणवीर सिंह, सचिव आरटीए मनोज कुमार, एसडीएम कनीना डॉ. जितेंद्र सिंह, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह और एसडीएम नारनौल गुरविंदर सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

रवि कुमार यादव

गाँव और शहर दोनों की ज़िंदगी से जुड़े रहे हैं। परिवार में खेती-बाड़ी और मेहनत का माहौल रहा, जिससे उनमें जमीन से जुड़ाव बना। वे कम बोलते हैं, लेकिन ध्यान से सुनते हैं। यात्रा करना, स्थानीय मेलों में घूमना और पुराने दोस्तों से मिलना उनकी रुचि है। वे साधारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सम्मान की नजर से देखते हैं।

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