दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक, खड़गे ने पीएम मोदी पर मुख्य चुनाव आयुक्त को दबाव डालने का आरोप लगाया

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक मंगलवार को दिल्ली में हुई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। इसमें पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा की। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव डाला। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की कठपुतली बताया और कहा कि उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत हटाए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनके दबाव में मुख्य चुनाव आयुक्त ने काम किया। उन्होंने दो चुनाव आयुक्तों के कथित आपत्तियों का हवाला दिया और कहा कि पूरा देश जानता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और नए मतदाता जोड़ने के नियमों में बदलाव सत्ता पक्ष के पक्ष में किए गए। पार्टी ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों का भी जिक्र किया।
खड़गे ने बैठक में पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मतदाता सूची में हुए बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक करना, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें अपील का मौका देना, राजनीतिक दलों को सरल प्रारूप में समय पर मतदाता सूची उपलब्ध कराना, गंभीर गड़बड़ियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराना तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी। पार्टी लोकतंत्र की रक्षा और हर भारतीय के वोट की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
चुनाव आयोग की ओर से पहले यह कहा जा चुका है कि एसआईआर से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। कांग्रेस इन आरोपों को दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर आधारित बता रही है।



