छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट ने सात वेटरनरी छात्रों को दी राहत, 5 और 6 नवंबर को भी होगा रजिस्ट्रेशन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 3नवंबर।वेटरनरी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा और पशुपालन डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे सात छात्रों को हाईकोर्ट ने राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को5नवंबर2026तक छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराने की अनुमति देने और संबंधित विश्वविद्यालय को5व6नवंबर को भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने आदेश में कहा कि रजिस्ट्रेशन की सीमित अवधि को देखते हुए छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना जरूरी है। मामला मनोहर यादव और छह अन्य की याचिकाओं से जुड़ा है।

इस मामले में हाईकोर्ट ने13अगस्त2026को मनोज कुमार सहित कई याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं का निराकरण करते हुए छात्रों को दोनों डिप्लोमा कोर्स में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी थी। इनमें बीजापुर निवासी मनोज कुमार भी शामिल थे।

कोर्ट ने पाया था कि छात्रों को प्रोविजनल एडमिशन दिया गया था और वे दो सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी कर चुके थे। इसी तरह की परिस्थितियों वाले दूसरे छात्रों को भी पढ़ाई जारी रखने की अनुमति मिल चुकी थी। ऐसे में इन छात्रों को पढ़ाई से रोकना उनकी अब तक की शैक्षणिक मेहनत को बेकार करने जैसा होगा।

13अगस्त के आदेश में हाईकोर्ट ने छात्रों को कोर्स जारी रखने से रोकने वाले संबंधित अधिकारियों के आदेश निरस्त कर दिए थे। राज्य सरकार को30जुलाई2026की नीति और समान परिस्थितियों वाले दूसरे छात्रों के मामलों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।

कोर्ट ने परीक्षा में शामिल कराने सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। हालांकि,यह भी स्पष्ट किया था कि इस राहत को केवल संबंधित मामले की परिस्थितियों तक सीमित माना जाए। इसे दूसरे मामलों के लिए सामान्य नियम या मिसाल नहीं माना जाएगा।

30अक्टूबर को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता गगन तिवारी ने बताया कि13अगस्त के आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। इस संबंध में अवमानना याचिका भी दाखिल की गई है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी हो चुके हैं।

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता वाईएस ठाकुर ने बताया कि सरकार13अगस्त के आदेश को चुनौती देने के लिए रिट अपील दाखिल करने का फैसला कर चुकी है। इसी वजह से छात्रों को कोर्स जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि,सुनवाई की तारीख तक सक्षम अदालत में ऐसी कोई अपील दाखिल नहीं की गई थी।

विश्वविद्यालय ने बताया कि15अक्टूबर के पत्र के जरिए रजिस्ट्रेशन का कार्यक्रम जारी किया गया था। इसके अनुसार29और30अक्टूबर को रजिस्ट्रेशन होना था। कोर्ट ने पाया कि पहले दिए गए आदेश का पालन नहीं हुआ है और रजिस्ट्रेशन की अवधि भी सीमित है।

छात्रों का शैक्षणिक नुकसान रोकने के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को5नवंबर तक रजिस्ट्रेशन की अनुमति देने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय को5और6नवंबर को रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। सभी संबंधित याचिकाओं पर अगली सुनवाई18नवंबर2026को होगी।

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