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IMD अपडेट: 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून 12.6% कमी के साथ समाप्त, अक्टूबर-दिसंबर में अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 सितंबर 2026 को 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन का अंतिम आकलन जारी किया है। देशभर में जून से सितंबर के दौरान 759.4 मिमी बारिश हुई, जो दीर्घकालिक औसत (LPA) 868.6 मिमी का लगभग 87 प्रतिशत है। इससे पूरे सीजन में लगभग 12.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

यह आंकड़ा 2001 के बाद चौथा सबसे कम और 1901 के बाद 13वां सबसे कम मानसूनी वर्षा है। 2015 के बाद यह पहला ऐसा सीजन है जब बारिश ‘डिफिशिएंट’ श्रेणी में रही। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अल नीनो की स्थिति का असर रहा, फिर भी सीजन में 77 लो प्रेशर सिस्टम डेज़ दर्ज किए गए, जो सामान्य 57 दिनों से अधिक हैं।

क्षेत्रवार बारिश का ब्योरा

बारिश का वितरण असमान रहा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सबसे ज्यादा कमी रही — लगभग 25.6 प्रतिशत कम बारिश हुई। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कमी करीब 24.4 प्रतिशत रही। उत्तर-पश्चिम भारत में कमी 5.8 प्रतिशत के आसपास रही, जबकि मध्य भारत में बारिश सामान्य के करीब (लगभग 2 प्रतिशत कम) रही।

36 मौसम उप-विभागों में से 18 में सामान्य बारिश हुई, 17 में कमी दर्ज की गई। देश के लगभग 38 प्रतिशत क्षेत्र वाले 282 जिलों में डिफिशिएंट बारिश हुई। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में यह 1901 के बाद सबसे कम मानसूनी बारिश रही, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप में 1901 के बाद चौथी सबसे कम बारिश दर्ज की गई।

महीनेवार प्रदर्शन

  • जून: 35 प्रतिशत से अधिक कमी
  • जुलाई: लगभग 1 प्रतिशत अधिक बारिश
  • अगस्त: करीब 16 प्रतिशत कमी
  • सितंबर: लगभग 8 प्रतिशत कमी

सीजन की शुरुआत कमजोर रही। जुलाई के मध्य में साप्ताहिक कमी 51 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। सितंबर के आखिरी सप्ताह में लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश में सुधार हुआ, जिससे कुल कमी 15 प्रतिशत से घटकर 12.6 प्रतिशत पर आ गई।

मानसून की वापसी

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई, जो सामान्य से दो दिन देरी से थी। दिल्ली से मानसून 23 सितंबर को वापस हुआ। 1 अक्टूबर 2026 तक वापसी रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नालिया से होकर गुजर रही है।

IMD के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों से और वापसी होने की संभावना है। पूरे देश से मानसून की पूर्ण वापसी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक हो सकती है।

पोस्ट-मानसून और सर्दियों की बारिश का अपडेट

IMD ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 (पोस्ट-मानसून/उत्तर-पूर्वी मानसून) का मौसमी पूर्वानुमान भी जारी किया है। देश के अधिकांश हिस्सों में इस अवधि में सामान्य से कम बारिश की संभावना है। अपवाद उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाके और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्से हैं, जहां सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (तमिलनाडु, पुदुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक) के लिए अक्टूबर-दिसंबर की बारिश सामान्य (LPA का 88-112 प्रतिशत) रहने की सबसे अधिक संभावना है। इस क्षेत्र का LPA लगभग 334.1 मिमी है।

अक्टूबर 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से कम (<85 प्रतिशत LPA) रहने का अनुमान है। अक्टूबर का LPA करीब 75.4 मिमी है। उत्तर-पश्चिम भारत, प्रायद्वीप के दक्षिणी हिस्सों और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में अक्टूबर में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।

“देश के अधिकांश हिस्सों में अक्टूबर-दिसंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश की उम्मीद है, सिवाय उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों के, जहां बारिश सामान्य से अधिक या सामान्य रहने की संभावना है।” — मृत्युंजय महापात्र, महानिदेशक, IMD

कृषि और जल संसाधन पर असर

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश की वार्षिक बारिश का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देता है। इस सीजन की कमी से मिट्टी की नमी और जलाशयों के स्तर पर असर पड़ सकता है। रबी फसलों की बुवाई के लिए कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं, खासकर उन जिलों में जहां चारों महीनों में बारिश कम रही।

पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय जैसे कुछ राज्यों में पूरे सीजन में कमी बनी रही। वहीं, सितंबर के आखिरी दौर की बारिश ने कुछ इलाकों में स्थिति को थोड़ा संभाला।

IMD ने पहले अप्रैल में सीजन की बारिश 92 प्रतिशत LPA और मई में 90 प्रतिशत LPA का अनुमान लगाया था। अंतिम आंकड़ा 87 प्रतिशत पर रहा, जो मॉडल की अनिश्चितता सीमा के अंदर है, लेकिन वितरण बहुत असमान रहा।

स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग की 30 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक आकलन। आंकड़े जून 1 से सितंबर 30, 2026 तक के हैं।

पंकज कुमार वर्मा

एक शांत और सोचने वाले इंसान हैं। घर का माहौल सादगी भरा रहा। वे सुबह जल्दी उठते हैं, अखबार पलटते हैं और दिन भर देखी गई बातों को याद रखते हैं। दोस्तों के साथ बैठक, लंबी सैर और पुरानी फिल्में देखना उनका शौक है। वे दिखावे से दूर रहते हैं और बात को उसके असली रूप में रखना पसंद करते हैं।

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