मनेंद्रगढ़ में करण राठौर हत्याकांड के 7 दोषियों को आजीवन कारावास, चाकू मारकर की थी हत्या, कोर्ट ने सुनाया फैसला
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के बहुचर्चित करण राठौर हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय मनेंद्रगढ़ ने हत्या और बलवा के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 28 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना 5 सितंबर 2025 की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने गली में हुई थी। आरोपियों ने विधि विरुद्ध जमाव बनाकर घातक हथियारों के साथ हिंसा की थी। इसी दौरान करण राठौर पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर रितिक मिश्रा, सचिन जैन, राशिद खान, अमन केंवट उर्फ बुटई, भावेश पाटिल, रौनिल मिश्रा उर्फ कुक्कू और मोहम्मद अकरम उर्फ अक्कू को दोषी पाया गया। न्यायालय ने सातों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(3) और 103(1)/191 के तहत दोषसिद्ध किया।
हत्या में उम्रकैद और बलवा के मामले में दो साल की सजा
न्यायालय ने सातों दोषियों को बीएनएस की धारा 191(3) के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, धारा 103(1)/191 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। न्यायालय ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को आदेशानुसार अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
एक आरोपी को संदेह का लाभ, आरोप से दोषमुक्त
इस मामले में आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ लगाए गए आरोप को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इसके चलते उसे संदेह का लाभ दिया गया।
मृतक के माता-पिता को मिलेगी प्रतिकर राशि
न्यायालय ने सातों दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। आदेश के अनुसार, अर्थदंड की राशि जमा होने पर उसमें से 10 हजार रुपये मृतक करण राठौर की माता अथवा पिता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष 500 रुपये शासन के पक्ष में जमा होंगे।
मनेंद्रगढ़ पुलिस के अनुसार, मामले में विवेचना पूरी कर साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। करीब एक वर्ष पुराने इस हत्याकांड में सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के साथ न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है।

