बाल श्रम के तीन मामलों में 69 लाख रुपये का जुर्माना, लेबर कोर्ट ने सुनाया फैसला

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 अक्टूबर। बाल श्रम के तीन मामलों में श्रम न्यायालय ने तीन आरोपियों पर कुल 69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रत्येक मामले में 23 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। सुनवाई के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए जुर्माने की राशि जमा कर दी।
श्रम निरीक्षकों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान बच्चों से काम कराए जाने का मामला पकड़ा था। इसके बाद मोहम्मद हनीफ, संतोष कुमार राजवानी और सनी देवांगन के खिलाफ बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के संशोधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। मामले श्रम न्यायालय में पेश किए गए।
श्रम न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने प्रत्येक मामले में अधिनियम की धारा 3(ए) के उल्लंघन पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा धारा 12, 11 और 9 के उल्लंघन पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस तरह प्रत्येक मामले में कुल 23 लाख रुपये और तीनों मामलों में 69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सुनवाई के दौरान संबंधित श्रम निरीक्षक मौजूद नहीं थे, जबकि तीनों आरोपी अदालत में उपस्थित थे। आरोप पढ़कर सुनाए जाने पर उन्होंने उन्हें स्वीकार किया और जुर्माना भरने की सहमति दी।



