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स्रोत लेख और मूल पोस्ट का विवरण देख रहा हूँ, ताकि तथ्यों को साफ रखा जा सके।

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को हुई विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली है। बैठक भारत-रूस संबंधों पर हुई थी। चतुर्वेदी ने जारी तस्वीर में मौजूद सदस्यों के पुरुष होने का जिक्र करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के अंत तक समिति में उनकी मौजूदगी से ही सही, ऐसी बैठकों पर पुरुषों का एकाधिकार टूटेगा। साथ ही उन्होंने साफ किया कि यह मजाक है और किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए, क्योंकि विदेश मंत्री की अगुवाई वाली इस समिति में महिला सांसद भी शामिल हैं।

क्या कहा प्रियंका चतुर्वेदी ने

चतुर्वेदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा, “कम से कम, अपने कार्यकाल के आखिर तक कमिटी में मेरी मौजूदगी से ही सही, पर पुरुषों वाली इस मीटिंग का एकाधिकार तो टूटेगा ही।” उन्होंने आगे कहा कि यह हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई बात है, ताकि कोई बुरा न माने, क्योंकि उन्हें पता है कि विदेश मंत्री की अगुवाई वाली इस समिति में महिला सांसद भी शामिल हैं।

यानी उनकी टिप्पणी उस विशेष बैठक की तस्वीर पर थी, न कि इस दावे पर कि सलाहकार समिति में महिला सदस्य हैं ही नहीं। उन्होंने खुद यह स्पष्ट किया है कि समिति में महिला सांसद शामिल हैं।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने भारत-रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क (पी2पी) समेत द्विपक्षीय रिश्तों के कई पहलुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति को भारत सक्रिय समर्थन दे रहा है।

बैठक की जानकारी के मुताबिक, समिति को बताया गया कि रूस इस साल करीब 70,000 कुशल भारतीय कामगारों को अपने यहां अवसर देगा, खासकर निर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में। व्यापार को संतुलित करने के लिए भारत से रूस को निर्यात बढ़ाने की साझा मंशा भी जताई गई। इसके तहत ऑटोमोबाइल, दवा, खाद्य, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और कपड़ा—इन सात क्षेत्रों का जिक्र किया गया।

चर्चा में चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी), उत्तरी समुद्री मार्ग और भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया। ऊर्जा आपूर्ति के कई स्रोत बनाए रखने पर भी जोर रहा, ताकि भारतीय उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहें।

यूक्रेन संघर्ष और भारतीय नागरिकों का मुद्दा

समिति में 31 अगस्त को बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक का भी जिक्र हुआ। उस मुलाकात में मोदी ने कहा था कि अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए। जयशंकर पिछले महीने यूक्रेन गए थे और संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में यूक्रेन तथा रूस के विदेश मंत्रियों से भी मिले थे। भारत का रुख रहा है कि यदि युद्ध रोकने में वह किसी रूप में मदद कर सकता है, तो वह तैयार है।

बैठक में उन भारतीय नागरिकों का मुद्दा भी उठा, जिन्हें रूसी सेना से जुड़ा बताया गया है। जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 140 भारतीय नागरिकों को छुटकारा दिलाया जा चुका है, जबकि करीब 55 नागरिकों की स्थिति और ठिकाने के बारे में भारत रूसी अधिकारियों के संपर्क में है। सरकार नागरिकों को ऐसी भर्ती के प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह देती रही है।

तस्वीर और टिप्पणी का संदर्भ

जयशंकर की पोस्ट के साथ बैठक की तस्वीर भी जारी हुई, जिसमें दिखाई दे रहे सदस्य पुरुष हैं। इसी तस्वीर पर चतुर्वेदी की टिप्पणी आई। उन्होंने इसे राजनीतिक आरोप के बजाय हल्का कटाक्ष बताया और यह भी कहा कि विदेश मंत्री की अगुवाई वाली समिति में महिला सांसद शामिल हैं।

प्रियंका वर्मा

शहर और कस्बे दोनों की दुनिया से परिचित हैं। वे परिवार के बीच रहकर बड़ी हुईं और छोटी उम्र से ही लोगों के चेहरे और बातचीत पर ध्यान देती रही हैं। उन्हें लिखना-पढ़ना, पुराने गीत सुनना और रिश्तेदारों से लंबी बातें करना पसंद है। उनकी नजर उन छोटी बातों पर जाती है जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

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