विश्व

चीन ने 93 देशों की ओर से वैश्विक मानवाधिकार शासन सुधार का आह्वान किया

जिनेवा, 30 सितंबर 2026। चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वैश्विक शासन पहल के मार्गदर्शन में एक न्यायसंगत, समतामूलक और समावेशी वैश्विक मानवाधिकार शासन व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ने यह बात कही।

संयुक्त राष्ट्र जिनेवा कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में चीन के स्थायी प्रतिनिधि जिया गाइड ने बुधवार को पैले देस नेशंस में संयुक्त वक्तव्य दिया। वक्तव्य का शीर्षक “इंप्रूविंग इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स गवर्नेंस” था। चीन के जिनेवा मिशन के अनुसार यह वक्तव्य 93 देशों की ओर से दिया गया। कुछ समाचार रिपोर्टों में सह-प्रायोजक देशों की संख्या 71 बताई गई है।

जिया गाइड ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य जटिल और अस्थिर माहौल में गहरे बदलाव से गुजर रहा है और वैश्विक मानवाधिकार शासन भी व्यापक समायोजन के दौर में है। इस पृष्ठभूमि में चीन ने चार प्रस्ताव रखे।

पहला प्रस्ताव जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का है। इसके अनुसार हर देश की मानवाधिकार स्थिति का आकलन और सुधार उसी देश की जनता करे, ताकि शासन का मूल उद्देश्य बना रहे और लोगों की जरूरतें पूरी हों।

दूसरा प्रस्ताव संप्रभु समानता का है। सभी देश समान आधार पर भागीदारी करें, निर्णय लें और लाभ पाएं। वैश्विक दक्षिण की आवाज पर अधिक ध्यान दिया जाए। चीन ने निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता और गैर-चयनात्मकता की वकालत की तथा आपसी सम्मान पर आधारित संवाद और सहयोग का आह्वान किया।

तीसरा प्रस्ताव निष्पक्षता और न्याय बनाए रखने से जुड़ा है। चीन ने मानवाधिकारों के राजनीतिकरण और उन्हें उपकरण बनाने का विरोध किया। सभी श्रेणियों के मानवाधिकारों को समग्र दृष्टि से देखने, सुधारों को सावधानी से आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय मानवाधिकार संस्थानों तथा विशेषज्ञों को निष्पक्ष ढंग से अपना दायित्व निभाने देने का समर्थन किया।

चौथा प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय विधि-व्यवस्था का पालन है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का समर्थन किया, अंतरराष्ट्रीय कानून तथा नियमों के समान और सुसंगत प्रयोग की बात कही, तथा दोहरे मानदंड, मानवाधिकार के बहाने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और अपने मानक दूसरों पर थोपने का विरोध किया।

वैश्विक शासन पहल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 1 सितंबर 2025 को तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित की थी। चीन का कहना है कि इसे अनेक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। पहल के पाँच मूल सिद्धांत संप्रभु समानता, अंतरराष्ट्रीय विधि-व्यवस्था, बहुपक्षवाद, जन-केंद्रित दृष्टिकोण और ठोस कार्रवाई बताए गए हैं।

यह संयुक्त वक्तव्य जिनेवा में “ग्लोबल गवर्नेंस फ्रेंड्स ग्रुप” के मंच पर आधारित था। समूह का विधिवत शुभारंभ 27 फरवरी 2026 को पैले देस नेशंस में हुआ था। उद्घाटन बैठक में लगभग 60 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें 42 संस्थापक सदस्य थे।

मनोज तिवारी

पारंपरिक परिवार से आते हैं। घर में पूजा-पाठ, बड़ों का सम्मान और सादा रहन-सहन रहा। उन्होंने जीवन में धैर्य और संयम सीखा। उन्हें मंदिर के प्रांगण में बैठना, गंगा किनारे की यादें और पुराने रिश्तों को जीवित रखना अच्छा लगता है। वे कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन बात पूरी होती है।

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