कैथल में कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

कैथल, 28 सितंबर 2026: कथित वोट चोरी, चुनाव प्रक्रिया में धांधली और मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर रविवार को कैथल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन की शुरुआत हरियाणा शहीद स्मारक से हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता नवग्रह चौंक तक मार्च करते रहे। नवग्रह चौंक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और चुनाव आयोग पर निष्पक्षता से काम न करने का आरोप लगाया। कलायत विधायक विकास सहारण भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि लोकतंत्र की नींव मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर टिकी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में अनियमितताएं, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और अन्य खामियां हैं, जिनसे वोट चोरी और धांधली की आशंका पैदा हो रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से इन आरोपों की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की।
सुरजेवाला ने दावा किया कि जून 2025 से अब तक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने इस आंकड़े को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह संख्या कई देशों की आबादी के बराबर है। चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर को मतदाता सूची की शुद्धि का अभियान बताया जाता रहा है। आयोग का कहना है कि मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टियों को हटाया जा रहा है तथा गलत कटौती के मामलों में दावे-आपत्ति के जरिए नाम वापस जुड़ सकते हैं। विपक्ष इन कटौतियों को बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं के वंचित किए जाने का मामला बता रहा है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग युवा मतदाताओं के नाम काट रहा है, अपने पोर्टल में हेराफेरी कर रहा है, एसडीएम और तहसीलदार जैसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के अधिकार सीमित कर रहा है तथा कानून की अवहेलना कर रहा है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को छल और कपट से ग्रस्त करार दिया तथा कहा कि आयोग सत्ताधारी सरकार के दबाव में काम कर रहा है। ये आरोप कांग्रेस के हैं। इस घटनाक्रम पर चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
सुरजेवाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नई जांच, कटे हुए मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने तथा कथित धांधली में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा।
कलायत विधायक विकास सहारण ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी गड़बड़ी का मामला लोकतंत्र के लिए गंभीर है। उन्होंने कहा कि वोट जनता का अधिकार है और पात्र मतदाता को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
रामचन्द्र गुर्जर ढाँड ने आरोप लगाया कि आम मतदाताओं को अपने नाम, पते और मतदाता सूची में दर्ज विवरण को लेकर अनेक सवालों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों और जनता की शिकायतों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 से देश के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। जून 2025 से चुनाव आयोग देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चला रहा है। इस प्रक्रिया और आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। मई 2026 में सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर की वैधता को बरकरार रखा था।
प्रदर्शन में सुदीप सुरजेवाला, कांग्रेस लीगल सेल राज्य समन्वयक एडवोकेट पी. एल. भारद्वाज, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जोरा सिंह सिनंद, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन जिला अध्यक्ष कर्मबीर शर्मा खुराना, युवा जिलाध्यक्ष कविश मिड्डा, शहरी ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास मित्तल, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप चहल दिल्लोंवाली, युवा हलका अध्यक्ष अरुण राणा, सुरेंद्र रांझा, सुनील कुंडू रोहेड़ा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशीला शर्मा, प्रज्ञा पाशा जैन, कांग्रेस लीगल सेल जिला अध्यक्ष मुकेश राणा एडवोकेट, जाट धर्मशाला प्रधान रोशन पाड़ला, सुरेश रोड, रामनिवास मेहरा, पवन थरेजा, महेश गोगिया, सोनू सेठ, हाकम सीड़ा, रणधीर शर्मा सांगन, बृजपाल राणा, कृष्ण सिसला, कुलदीप धारीवाल, रामनिवास गिल, जयपाल शर्मा, दर्शन खनौदा, प्रयागराज बालू, बंशी लाल मानस, उषा शर्मा, लख्मी पबनावा, प्यारा सरपंच, रामदिया पूनिया, मुकेश नंबरदार, मोहन शर्मा क्योडक, श्याम साहनी, सुभाष खेड़ी, राजपाल आर्य, जगत पूनिया, जयकिशन मान, विनोद चहल भैनीमाजरा, राजेश पूनिया, हरिओम शर्मा, बिट्टू धीमान, मनीष सिक्का, बलजीत इंदल, अनिल खुरानिया, लक्की ढाँडे, गुरदेव मलिक, टोनी भंडुला, सतनारायण बालू, नफे सिंह जेलर, जयपाल गुर्जर, राजेन्द्र तंवर, दलेल सिंह, विक्की भोला, रणबीर मदूद, परवीन कसान, विजय गर्ग, टेक चन्द, रामफल मोहना, बलविन्द्र सरपंच जसवंती, विशाल बागड़ी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



