परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष, दिल्ली में गुरशरण कौर से लिया आशीर्वाद

चंडीगढ़/नई दिल्ली। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश इकाई की कमान पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को सौंप दी है। उनकी नियुक्ति 2 अक्टूबर 2026 को तत्काल प्रभाव से हुई। वे अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष बने हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर वाली आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परगट सिंह को यह जिम्मेदारी दी। नियुक्ति से कुछ घंटे पहले वड़िंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा था। वड़िंग अप्रैल 2022 से इस पद पर थे। पार्टी ने कहा है कि पंजाब में चुनाव संबंधी समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन अपने पदों पर बने रहेंगे।
नई जिम्मेदारी से पहले गुरशरण कौर से मुलाकात
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पर उनकी पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर से मुलाकात की, सरदार मनमोहन सिंह को याद करते हुए उनका आशीर्वाद लिया और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने मनमोहन सिंह की सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को प्रेरणा बताया। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए वे मनमोहन सिंह के घर जाकर और गुरशरण कौर का आशीर्वाद लेकर इस पारी की शुरुआत कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में परगट सिंह ने मनमोहन सिंह को पंजाब का stalwart बताया और कहा कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ ईमानदारी और मूल्यों में भी योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब जाने से पहले गुरशरण कौर का आशीर्वाद लेना जरूरी था। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से भी मुलाकात की।
कौन हैं परगट सिंह
परगट सिंह जालंधर के मीठापुर गांव से हैं। वे भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं और 1988, 1992 तथा 1996 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने टीम की कप्तानी की। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री मिल चुका है।
राजनीति में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर 2012 में जालंधर कैंट से जीत दर्ज की। बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और 2017 तथा 2022 में भी यही सीट जीती। इस तरह वे लगातार तीन बार विधायक रहे। चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में वे शिक्षा और खेल सहित कई विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वे एआईसीसी सचिव के रूप में जम्मू-कश्मीर का प्रभार भी संभाल चुके हैं।
उनकी नियुक्ति राज्य इकाई में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी के बीच हुई है। कांग्रेस नेतृत्व ने 2027 के चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने और चुनावी तैयारी की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।



