चुनिंदा शक्तियों के संरक्षण या निर्देशित व्यवस्था तक सीमित न हो बहुपक्षवाद-प्रो. विवेकानंदन

अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन 2026 एचएनएलयू में
रायपुर, 6 अक्टूबर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन 2026 का 4 अक्टूबर को सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस अकादमिक एवं व्यावसायिक आयोजन का विषय विश्व व्यापार संगठन के 30 वर्ष: अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून में बहुपक्षवाद की नई परिकल्पना था।
एचएनएलयू ने बताया कि सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था के समक्ष मौजूद समकालीन चुनौतियों तथा इसके पुनर्गठन की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। समिट के अंतिम दिन उच्चस्तरीय परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें भारतीय उद्योग परिसंघ के व्यापार नीति प्रधान सलाहकार श्री सुमंथा चौधरी, आनंद एंड आनंद के डिजिटल प्रौद्योगिकी विधि प्रभाग के प्रमुख डॉ. ए.के. गर्ग, मिसिसिपी के अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून विशेषज्ञ प्रो. एंथनी टोनी कैम्बस तथा लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन अटॉर्नीज की अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोगी सुश्री दिव्याश्री सूरी ने भाग लिया।
एचएनएलयू ने बताया कि परिचर्चा में वर्तमान बहुपक्षवाद, वैश्विक व्यापार व्यवस्था की प्रभावशीलता को प्रभावित करने वाली चुनौतियों तथा संस्थागत और नीतिगत स्तर पर इसके पुनरुद्धार की संभावित दिशाओं पर चर्चा की गई। समापन सत्र की शुरुआत हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. वी.सी. विवेकानंदन के संबोधन से हुई। उन्होंने बताया कि व्यापक राजनीतिक विखंडन के बीच वर्तमान दशक में बहुपक्षवाद भी लगातार अधिक विखंडित हुआ है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय व्यवस्थाओं की अपनी वैध भूमिका है, लेकिन वे बहुपक्षवाद के व्यापक ढांचे का विकल्प नहीं हो सकतीं।



