दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में दो युवकों की हत्या के मामले में तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की एकलपीठ ने पिछले सप्ताह अजय उर्फ कल्लू कोसले, राममोहन बंजारे उर्फ भूरू और गौतम उर्फ गोपाल सारथी की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।
तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 147, 148, 149 और 302 के साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज है।
अभियोजन के अनुसार, 23 अगस्त 2023 की रात सरकंडा थाना क्षेत्र में आरोपियों ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर राजेश रावत और देवा नेताम पर हमला किया था। दोनों युवकों के साथ मारपीट की गई और धारदार हथियारों से वार किए गए। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
आरोपियों के वकीलों ने अदालत में कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और कुल 26 गवाहों में से 13 की गवाही पूरी हो चुकी है। बचाव पक्ष के अनुसार, अब तक गवाही देने वाले गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया है। मुकदमे के निपटारे में समय लगने की आशंका जताते हुए जमानत देने की मांग की गई।
राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। अभियोजन ने दलील दी कि आरोपियों ने मिलकर दोनों युवकों की हत्या की थी। एक सह-आरोपी के बयान के आधार पर घटना में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया था।
अदालत के समक्ष यह भी रखा गया कि अजय उर्फ कल्लू कोसले के खिलाफ तीन और गौतम उर्फ गोपाल सारथी के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। गौतम की पूर्व जमानत याचिका भी हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जमानत के स्तर पर गवाहों के बयानों की विश्वसनीयता की विस्तृत जांच नहीं की जा सकती। मामले में अभी 13 गवाहों की गवाही बाकी है। इसके अलावा हथियार की बरामदगी समेत अन्य परिस्थितियां भी आरोपियों के खिलाफ हैं।
इन तथ्यों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए अदालत ने तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

