छत्तीसगढ़

बाढ़ के कारण ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा स्थगित नहीं होगी, अभ्यर्थियों के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाएगी : मंत्री

भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर। ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश से आई बाढ़ के बावजूद ओडिशा सिविल सेवा (ओसीएस) की मुख्य परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी और राज्य सरकार प्रभावित इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करेगी।

कांग्रेस ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए दक्षिणी जिलों में 31 अक्टूबर से सात नवंबर तक निर्धारित इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग की थी।

इस मांग को खारिज करते हुए पुजारी ने शुक्रवार को कहा, यदि ओडिशा लोक सेवा आयोग (ओपीएससी) की ओर से आयोजित ओसीएस परीक्षा स्थगित की जाती है, तो इसे दोबारा आयोजित करने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा। जो अभ्यर्थी पहले ही परीक्षा की तैयारी कर चुके हैं, उन्हें इससे निराशा होगी।

मंत्री ने कहा, हमने पाया है कि गंजाम जिले के 325 और गजपति जिले के करीब 100 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है इसलिए हमने बाढ़ या बारिश से प्रभावित जिलों के सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया है कि वे अभ्यर्थियों के घर से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए निर्बाध और निशुल्क परिवहन सुनिश्चित करें।

इस बीच, विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने सरकार के इस फैसले को अन्यायपूर्ण और अमानवीय करार दिया।

बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा कि बाढ़ के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों के फंसे होने के बावजूद ओसीएस की मुख्य परीक्षा आयोजित करने का राज्य सरकार का फैसला अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी में बाढ़ आने के कारण गंजाम और गजपति जिलों के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे लाखों अन्य लोगों के साथ-साथ सैकड़ों अभ्यर्थी भी फंसे हुए हैं।

उन्होंने राज्य सरकार से स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।

इससे पहले, कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने चक्रवात के कारण उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए कोरापुट जिले के जयपुर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तारीखें फिर से निर्धारित करने का ओपीएससी से आग्रह किया था।(भाषा)

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