करवा चौथ पर बारिश ने रोकी चांद की राह, बादलों के बीच सुहागिनें करती रहीं चंद्र दर्शन का इंतजार
कोरबा, 30 अक्टूबर। कुसमुंडा के आदर्श नगर स्थित शेरावाली मंदिर में करवा चौथ का पर्व महिलाओं ने पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। हालांकि, मौसम ने इस बार व्रत रखने वाली सुहागिनों की परीक्षा ली। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को पूजा की थाली और छलनी लेकर चंद्र दर्शन के लिए तैयार थीं, लेकिन झमाझम बारिश और आसमान में छाए घने बादलों ने चांद के दीदार पर पानी फेर दिया। चांदनी रात का नजारा भले ही देखने को नहीं मिला, लेकिन महिलाओं की आस्था और पति की लंबी उम्र की कामना में कोई कमी नहीं आई।
करवा चौथ के अवसर पर आदर्श नगर सहित कुसमुंडा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुबह से ही सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम होते ही महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारियां पूरी कीं। पूजा की थाली सजाकर महिलाएं चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करने लगीं।
लेकिन शाम से ही मौसम का मिजाज बदल गया। रुक-रुककर हुई बारिश और आसमान में छाए घने बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दिया। महिलाएं काफी देर तक छतों और खुले स्थानों पर आसमान की ओर निहारती रहीं। चंद्र दर्शन की उम्मीद में इंतजार का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मौसम की बेरुखी के कारण व्रत का पारण करने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी रही।
मंजू यादव ने बताया कि उन्होंने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा था और पूरे दिन चांद निकलने का इंतजार करती रहीं। शाम होने के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे और खराब मौसम के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद चांद दिखाई नहीं देने से उन्हें परेशानी हुई और व्रत खोलने में भी देरी हुई।
मौसम की मार से करवा चौथ की रात का उल्लास जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन सुहागिनों की श्रद्धा अडिग रही। महिलाओं ने धार्मिक मान्यताओं और पंडितों की सलाह के अनुसार पूजा की आगे की रस्में पूरी कीं। चांद के दर्शन नहीं होने के बावजूद पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के साथ महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत मनाया।


