जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी, स्टूडेंट्स को हटाने की हुई थी कोशिश

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से मिलने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रोफेसर और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ पहुंचे.
प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन ख़त्म करने की मांग की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद सुरक्षा गार्डों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई.
जामिया के गार्ड प्रदर्शन स्थल पर लगे तिरपाल हटा रहे थे, जबकि स्टूडेंट्स धरना स्थल को बचाने की कोशिश कर रहे थे.
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़ और बढ़ गई.
दरअसल, जामिया में छात्र संघ के गठन और चुनाव कराने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी छात्र यूनियन चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रोफ़ेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, मैं ख़ुद भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बात करने गया था. छात्र संघ चुनाव कराने की उनकी मांग को लेकर मैंने उन्हें बताया कि संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक ड्राफ़्ट कमेटी पहले ही बना दी गई है.
उन्होंने इसके लिए समय-सीमा पूछी. मैंने उनसे कहा कि वे जितनी जल्दी संविधान का मसौदा तैयार करेंगे, उतनी ही जल्दी चुनाव कराए जाएंगे. इस प्रस्ताव पर वे सहमत हो गए.
इसके बाद उन्होंने पूछा, सर, चुनाव कब होंगे? मैंने जवाब दिया कि चूंकि उन्होंने ख़ुद अपने प्रतिनिधियों को कमेटी में शामिल करते हुए संविधान का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव दिया है, इसलिए मसौदा मिलते ही चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी.
रजिस्ट्रार ने बाहरी नेताओं पर प्रदर्शन कर रहे जामिया के स्टूडेंट्स को उकसाने का आरोप भी लगाया.
वहीं, जामिया से एलएलएम कर रहे शकील ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, जामिया प्रशासन ने धरना स्थल पर पहुंचकर तोड़फोड़ की और छात्रों को उकसाने की कोशिश की.
शकील ने बताया कि फिलहाल स्थिति समान्य है.(bbc.com/hindi)
