छत्तीसगढ़

हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं की समीक्षा, ठेकेदार ब्लैक लिस्ट होंगे 77% संपत्तियों का विक्रय

नई आवासीय योजनाओं में डिपार्टमेंटल स्टोर के लिए स्थान और कॉलोनियों में पौधरोपण के निर्देश

रायपुर, 6 नवम्बर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने की। मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण सहित मुख्यालय एवं विभिन्न प्रक्षेत्रों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मंडल अध्यक्ष ने प्रत्येक परियोजना की योजनावार प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति, पूर्ण एवं निर्माणाधीन इकाइयों, वित्तीय प्रगति, संपत्तियों के विक्रय और क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि मंडल की कुल संपत्तियों में से अब तक लगभग 77 प्रतिशत का विक्रय हो चुका है। वर्तमान में मंडल की 888 करोड़ रुपये की बुकिंग लाइव है। शहरी क्षेत्रों में आवासीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और पुनर्विकास के लिए 10 रिडेवलपमेंट योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें से 5 योजनाओं के टेंडर जारी हो चुके हैं और शेष 5 योजनाओं को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल चुकी है।

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 के अंतर्गत अब तक लगभग 65 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है। दुर्ग एवं बिलासपुर प्रक्षेत्रों ने लगभग 80 प्रतिशत से अधिक बुकिंग का लक्ष्य हासिल किया है। अध्यक्ष ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रक्षेत्रों की सराहना की और अन्य प्रक्षेत्रों को बुकिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए।

श्री सिंह देव ने कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी नई आवासीय योजनाओं में डिपार्टमेंटल स्टोर के लिए अनिवार्य रूप से स्थान रखा जाए, ताकि कॉलोनीवासियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं और जरूरी सुविधाएं परिसर में ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने प्रत्येक कॉलोनी में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाओं में बेहतर जीवनशैली, मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ एवं हरित वातावरण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि कार्य में लापरवाही या निर्धारित गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर ठेका निरस्त करने और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्माणाधीन योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

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