एआई का बढ़ता खर्च जोहो पर भारी, इस साल वेतनवृद्धि नहीं

संचालक ने कर्मचारियों से मांगी माफी, बड़ी छंटनी से बचने की कोशिश
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल का असर अब सॉफ्टवेयर कंपनियों के खर्च और कर्मचारियों की वेतनवृद्धि पर भी दिखाई देने लगा है। भारत की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो (Zoho) इस साल अपने कर्मचारियों को सामान्य तौर पर मिलने वाली सालाना वेतनवृद्धि नहीं देगी। कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कर्मचारियों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर कारोबार का भविष्य अनिश्चित है और एआई से जुड़ी लागत में तेजी से इजाफा हो रहा है।
वेम्बु के मुताबिक, कंपनी पर खर्च का दबाव मुख्य रूप से दो वजहों से बढ़ा है। पहली, डेटा सेंटर के लिए जरूरी सर्वर की कीमतों में चार गुना तक बढ़ोतरी और दूसरी, एआई के बढ़ते इस्तेमाल के कारण होने वाला अतिरिक्त खर्च। उन्होंने कहा कि कंपनी इन लागतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, दुनिया के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात भी कारोबार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
मार्केटिंग बजट घटाया, 18 महीने से कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई
श्रीधर वेम्बु ने बताया कि बढ़ते खर्च के बीच जोहो ने अपने मार्केटिंग बजट में भी कटौती की है। कंपनी ने पिछले 18 महीनों से कर्मचारियों की कुल संख्या नहीं बढ़ाई है। वेम्बु ने कहा कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने के लिए पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर कर्मचारी मौजूदा हालात को समझ रहे हैं और उन्होंने उनके सहयोग के लिए आभार जताया है।
वेम्बु ने सॉफ्टवेयर क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में नौकरियों का भविष्य फिलहाल मुश्किल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जोहो खुद को नए हालात के अनुरूप ढालने की प्रक्रिया से गुजर रही है और अगले 3 से 5 साल कंपनी के इस बदलाव की सफलता तय करने में अहम होंगे। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लोगों से कंपनी के लिए दुआ करने की अपील भी की।
एआई के कारण सॉफ्टवेयर उद्योग के सामने नई चुनौती
जोहो का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दुनिया भर की तकनीकी कंपनियां एआई के लिए डेटा सेंटर, सर्वर और कंप्यूटिंग क्षमता पर भारी निवेश कर रही हैं। इससे कंपनियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हुई है: एआई से काम की गति और क्षमता बढ़ाने की कोशिश के साथ उसकी लागत को भी काबू में रखना।



