तेलीबांधा सिर्फ चौक नहीं साहू समाज की पहचान और गौरव है : ओमप्रकाश साहू
राजनांदगांव :- रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक का नाम बदले जाने की घोषणा को लेकर साहू समाज में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। अखिल भारतीय तैलिक महासभा, नई दिल्ली युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा तेलीबांधा चौक का नाम परिवर्तन किए जाने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए इसे साहू समाज की ऐतिहासिक पहचान और भावनाओं से जुड़ा विषय बताया है। उन्होंने सरकार से नाम परिवर्तन के फैसले पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
श्री साहू ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि तेलीबांधा केवल रायपुर के एक चौक का नाम नहीं है, बल्कि यह साहू समाज की ऐतिहासिक पहचान, सामाजिक गौरव और पुरखों की विरासत से जुड़ा हुआ नाम है। उन्होंने कहा कि किसी स्थान के नाम के साथ वर्षों की सामाजिक स्मृतियां और भावनाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में नाम परिवर्तन का निर्णय समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को प्रभावित करता है। श्री साहू ने कहा कि तेलीबांधा नाम साहू समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह नाम समाज की मेहनत, परंपरा और ऐतिहासिक उपस्थिति से जुड़ी सामाजिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी नाम परिवर्तन के निर्णय से पहले संबंधित समाज और आम नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभावनाओं का सम्मान महत्वपूर्ण है। यदि किसी ऐतिहासिक स्थान के नाम को लेकर समाज के भीतर आपत्ति और असहमति है, तो सरकार को इस विषय पर संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। श्री साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अपील करते हुए कहा कि तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि साहू समाज की भावनाओं और ऐतिहासिक पहचान का सम्मान करते हुए वर्तमान नाम को यथावत रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज अपने इतिहास और पुरखों से जुड़ी पहचान को लेकर संवेदनशील है। ऐसे में किसी भी निर्णय से पहले समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा करना उचित होगा। उन्होंने सरकार से इस मामले में सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई। श्री साहू ने कहा कि यदि सरकार द्वारा नाम परिवर्तन का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो अखिल भारतीय तैलिक महासभा और समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज अपने ऐतिहासिक सम्मान और पहचान से जुड़े विषय को लेकर आगे भी अपनी बात मजबूती से रखेगा। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा नाम साहू समाज की भावनाओं, इतिहास और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है इसलिए सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। श्री साहू ने कहा कि सरकार और समाज के बीच संवाद के माध्यम से इस विषय का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र पहल कर नाम परिवर्तन संबंधी निर्णय को वापस लेने की मांग दोहराई।
