सिंगरौली इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी सुसाइड: 16 लाख फॉलोअर्स वाली ‘मिस प्रिटी इंडिया’ की मौत का पूरा सच और पुलिस जांच

मध्य प्रदेश (सिंगरौली) / 28 सितंबर 2026 / रिपोर्ट अटल हिन्द टीम: मध्य प्रदेश के सिंगरौली में 30 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और 2024 की ‘मिस प्रिटी इंडिया’ विजेता निधि तिवारी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका शव घर के कमरे में फंदे से मिला। पुलिस घटना से पहले हुई फोन बातचीत, सोशल मीडिया गतिविधि और परिजनों के बयानों की जांच कर रही है।
लोकप्रिय चेहरे की अचानक खामोशी
सिंगरौली के भूसा मोड़ इलाके में एक लोकप्रिय चेहरा अचानक खामोश हो गया। निधि तिवारी, जो डांस रील्स, लाइव और स्थानीय कार्यक्रमों से लाखों लोगों तक पहुंचती थीं, अब सिर्फ यादों और सवालों में बची हैं। उनके आखिरी फेसबुक पोस्ट में खुद से प्यार करने की बात थी। परिवार सदमे में है, पुलिस जांच में जुटी है और सोशल मीडिया पर सहानुभूति का सैलाब है। यह खबर सिर्फ एक मौत की नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, रिश्तों की जटिलताओं और युवाओं के डिजिटल जीवन की चुनौतियों की भी है।
परिवार और पृष्ठभूमि
निधि तिवारी मूल रूप से वाराणसी से थीं। पिता अशोक तिवारी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने सिंगरौली के पावर प्लांट में काम किया था। परिवार बताता है कि पिता करीब 15-16 साल पहले परिवार से अलग हो गए। निधि अपनी मां हेमलता (या लता) तिवारी और छोटी बहन के साथ भूसा मोड़, मोरवा थाना क्षेत्र में रहती थीं। चार बहनों में से एक बड़ी बहन ने भी करीब पांच साल पहले आत्महत्या कर ली थी। परिवार पहले से ही दर्द से जूझ रहा था।
‘ब्यूटी विद ब्रेन’ से लेकर डिजिटल दुनिया का सफर
2024 में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद युवा महोत्सव में आयोजित ‘ब्यूटी विथ ब्रेन’ प्रतियोगिता में निधि ने मिस प्रिटी इंडिया का खिताब जीता था। यह खिताब उनके मॉडलिंग और अभिनय के सपनों को आगे बढ़ाने वाला कदम बना। सोशल मीडिया पर डांस रील्स और ग्लैमरस पोस्ट से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी। फेसबुक पर उनके करीब 9 लाख और इंस्टाग्राम पर लगभग 7 लाख फॉलोअर्स थे। यूट्यूब सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर उनके कुल फॉलोअर्स की संख्या 16 लाख से अधिक हो चुकी थी।
घटना की रात क्या हुआ? (पुलिस जांच के तथ्य)
डिजिटल दुनिया के शिखर तक पहुंचने वाली निधि तिवारी का शव जब उनके ही घर के कमरे में पंखे से लटकता मिला, तो हर कोई सन्न रह गया। पुलिस की शुरुआती पड़ताल के दौरान मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे की बारीक जांच की है। फैक्ट-चेक अपडेट: पुलिस जांच में यह सामने आया है कि घटना की रात निधि की एक युवक (इंजीनियर) से फोन पर बहस हुई थी। उसी युवक ने निधि की मां को फोन कर अनहोनी की आशंका जताई थी, जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और उस युवक की भूमिका की सघन जांच कर रही है।
मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया का दबाव
परिजनों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि निधि पिछले कुछ दिनों से थोड़ी शांत थीं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के बीच मानसिक तनाव के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया की जगमगाती दुनिया के पीछे अक्सर गहरा अकेलापन और हमेशा ‘परफेक्ट’ दिखने का सामाजिक दबाव छिपा होता है।
निष्कर्ष और हेल्पलाइन की जानकारी
निधि तिवारी की कहानी डिजिटल युग में युवाओं के संघर्ष को रेखांकित करती है। ‘अटल हिन्द’ मीडिया ग्रुप निधि तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह से सामने नहीं आ जाती, तब तक अफवाहों पर विश्वास न करें।
पाठकों के लिए संदेश: अगर कोई मानसिक दबाव महसूस कर रहा है तो अकेले न रहें। परिवार, दोस्त या हेल्पलाइन से संपर्क करें। भारत में AASRA जैसी संस्थाओं की सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। आप 91-9820466726 पर कॉल कर सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने में संकोच न करें।



