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SIR पर कांग्रेस के रुख को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी से पूछे सवाल, बिना जांच मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं को वोट का अधिकार किसे फायदा पहुंचाएगा

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रुख पर सीधा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि बिना सत्यापन के अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं को मतदान का अधिकार बनाए रखने से कांग्रेस किसे लाभ पहुंचाना चाहती है।

त्रिवेदी के बयान उसी दिन आए जब इंडिया गठबंधन के सांसद, राहुल गांधी के नेतृत्व में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोकने की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। मार्च को आकाशवाणी भवन के पास पुलिस ने रोका। राहुल गांधी तिरंगा लेकर पुलिस बैरिकेड पर चढ़े और बाद में कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।

मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट नामों पर सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के प्रभावित होने का आंकड़ा दे रही है। बीजेपी के अनुसार, इस आंकड़े में करीब 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 6.8 करोड़ स्थानांतरित मतदाता, एक करोड़ डुप्लिकेट प्रविष्टियां और लगभग तीन करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें अनुपस्थित या पता न लगने वाली श्रेणी में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि जिन नामों पर सवाल उठा है, उन्हें दस्तावेज देकर या पात्रता साबित कर सूची में बने रहने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन मृत व्यक्ति या एक से अधिक बार दर्ज नामों को वैध मतदाता कैसे माना जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। त्रिवेदी ने पूछा कि जब चुनाव आयोग अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट नामों की पहचान करना चाहता है, तो कांग्रेस को आपत्ति क्यों है।

कांग्रेस के पुराने बयानों का हवाला

त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता पहले खुद मतदाता सूची में दोहराव और विसंगतियों की बात कर चुके हैं। उन्होंने अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और के. सी. वेणुगोपाल का नाम लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कई वरिष्ठ नेता पहले कह चुके हैं कि कई जगहों पर एक ही नाम मतदाता सूची में कई बार दर्ज है।

उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस 2016, 2018, 2020 और 2021 में सही थी या आज सही है। त्रिवेदी ने पार्टी से स्पष्ट करने को कहा कि वह तब सच कह रही थी या अब सच कह रही है।

संस्थाओं और कल्याण योजनाओं पर तुलना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि सेना, वायुसेना, एलआईसी, एचएएल, एसबीआई, सेबी, वैक्सीन, न्यायपालिका और मीडिया तक कई संस्थाओं पर आरोप लगाए गए हैं।

उन्होंने कल्याण योजनाओं में सत्यापन का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, भाजपा सरकार के दौरान जांच में करीब 5.8 करोड़ संदिग्ध राशन कार्ड प्रविष्टियां और 4.4 करोड़ से अधिक संदिग्ध मनरेगा लाभार्थी चिह्नित हुए थे। उन्होंने पूछा कि यदि इन योजनाओं में संदिग्ध नाम निकल सकते हैं, तो मतदाता सूची में ऐसे नाम क्यों नहीं हो सकते।

त्रिवेदी ने मंगलवार को हो रहे उपचुनावों का भी उल्लेख किया और पूछा कि कांग्रेस और उसके चुनाव एजेंटों ने इन चुनावों में इस्तेमाल हो रही मतदाता सूचियों की खुद जांच की है या नहीं।

विपक्ष का रुख

इंडिया गठबंधन का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने का खतरा है। विपक्षी दलों ने जिन नामों को अनुचित रूप से हटाए जाने का आरोप है, उन्हें बहाल करने, मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

त्रिवेदी ने कांग्रेस पर बिना आधार के दावों से देश को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। आकाशवाणी परिसर के पास हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की भाषा पर टिप्पणी की और कहा कि पार्टी को मतदाता सूची साफ करने के मुद्दे पर अपने बदले रुख की पहले व्याख्या करनी चाहिए।

रवि कुमार यादव

गाँव और शहर दोनों की ज़िंदगी से जुड़े रहे हैं। परिवार में खेती-बाड़ी और मेहनत का माहौल रहा, जिससे उनमें जमीन से जुड़ाव बना। वे कम बोलते हैं, लेकिन ध्यान से सुनते हैं। यात्रा करना, स्थानीय मेलों में घूमना और पुराने दोस्तों से मिलना उनकी रुचि है। वे साधारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सम्मान की नजर से देखते हैं।

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