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स्विस राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के ‘युद्ध नहीं, शांति का युग’ संदेश की सराहना की: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश की सराहना की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं, बल्कि शांति का युग है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और युद्ध समाप्ति के भारत के रुख को स्विस राष्ट्रपति ने सराहा। यह जानकारी सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया ब्रीफिंग में दी गई।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि स्विस राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति के लिए अत्यधिक सराहनात्मक और आभारी रहे। उन्होंने विशेष रूप से उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें मोदी ने कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं, शांति का युग है। जॉर्ज के अनुसार, युद्ध समाप्त होने की भारत की हालिया स्थिति की भी सराहना की गई।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन की मुलाकात हैदराबाद हाउस में हुई। दोनों नेताओं ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत वैश्विक संघर्षों पर बात की। संयुक्त वक्तव्य में मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत ने शांति की दिशा में हर सकारात्मक प्रयास का समर्थन किया है।

राष्ट्रपति परमेलिन ने संयुक्त ब्रीफिंग में कहा कि यूक्रेन युद्ध समेत संघर्ष के कई केंद्र चर्चा का विषय रहे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय सुधारों पर भी बातचीत का जिक्र किया। परमेलिन ने भारत को वैश्विक शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश बताया और कहा कि बढ़ती वैश्विक विभाजन की स्थिति में भारत का संवाद और सहयोग के प्रति रुख स्विट्जरलैंड के लिए मूल्यवान है।

यह परमेलिन की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा का हिस्सा है, जो 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी। नौ वर्षों में किसी स्विस राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। वे फरवरी 2026 में नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल हो चुके हैं। यात्रा का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क रहा।

दोनों पक्षों ने भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के एक वर्ष पूरे होने का जिक्र किया। यह भारत का यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ पहला मुक्त व्यापार समझौता है। मोदी ने कहा कि इस समझौते से अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य है। यात्रा के दौरान परिवहन, मोबिलिटी, युवा पेशेवरों, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में समझौते और संयुक्त शोध की सहमति बनी।

परमेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे और 7 अक्टूबर को भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने वैश्विक शांति, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

नवीन कुमार

झारखंड के परिवेश से जुड़े रहे हैं। पहाड़, जंगल और छोटे कस्बों की जिंदगी उन्होंने करीब से देखी है। परिवार में सादगी और मेहनत का मूल्य सिखाया गया। वे लोगों से मिलना, उनकी बात सुनना और स्थानीय मेलों-त्योहारों में शामिल होना पसंद करते हैं। उनकी पहचान सीधेपन और जमीन से जुड़े रहन-सहन से है।

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