अमेरिका जाने निकले गुजरात के तीन रिश्तेदार इथियोपिया में कथित तौर पर अगवा, परिवार से मांगी गई 1 करोड़ रुपये की फिरौती

अहमदाबाद/मेहसाणा: अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध रास्ते का सहारा लेने वाले गुजरात के तीन रिश्तेदार इथियोपिया पहुंचने के बाद लापता हो गए हैं। परिवार का आरोप है कि तीनों का अपहरण कर लिया गया है और रिहाई के बदले 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। मेहसाणा पुलिस ने लापता होने की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अभी तक अपहरण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
लापता बताए गए तीनों व्यक्ति आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें मेहसाणा जिले के वडसमा गांव के रित्विक जंसारी, गोजरिया की ममता चावड़ा और गांधीनगर की मयूरी शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में मयूरी का पूरा नाम मयूरी सोलंकी भी बताया गया है। तीनों 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। परिवार के मुताबिक 22 सितंबर के बाद उनसे संपर्क टूट गया।
वीजा नहीं मिलने के बाद एजेंट से संपर्क
पुलिस और परिवार के अनुसार, ममता चावड़ा को बार-बार अमेरिकी वीजा नहीं मिल पा रहा था। परिवार ने इसके बाद एजेंटों से संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि तीनों को अवैध माइग्रेशन रूट के जरिए अमेरिका पहुंचाया जा सकता है। अलग-अलग जानकारी के मुताबिक एजेंट को प्रति व्यक्ति 60 लाख से 75 लाख रुपये तक देने की बात हुई थी।
परिवार का कहना है कि राशि किस्तों में डांगरवा गांव के स्थानीय एजेंट अल्पेश पांचाल को दी गई। कुछ रिपोर्टों में वडोदरा के एक अन्य एजेंट का नाम भी सामने आया है। ममता के पिता किरीटभाई चौहान ने पुलिस से संपर्क किया है। लांगनाज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है।
जयपुर से अबू धाबी होते हुए अदीस अबाबा पहुंचे
परिवार और एजेंट के बयान के अनुसार तीनों पहले गुजरात से राजस्थान और फिर जयपुर पहुंचे। इसके बाद एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट से अबू धाबी गए और वहां से इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे। परिवार और पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक तीनों स्वाजीलैंड स्ट्रीट स्थित जीएसएफ कैंप में ठहरे थे। उनके पास 19 सितंबर से 19 अक्टूबर तक वैध बताए गए इथियोपियाई ई-वीजा भी थे।
एजेंट इस दौरान परिवार के संपर्क में रहा और किस्तों में पैसे लेता रहा। परिवार को बताया गया कि तीनों कनाडा पहुंच गए हैं और वहां से जल्द अमेरिका जाएंगे। 22 सितंबर को ममता ने अपने पिता से बात कर कहा था कि वे कनाडा पहुंच गए हैं। इसके बाद अचानक संपर्क टूट गया और तीनों के फोन बंद बताए गए।
‘खान’ नाम के शख्स ने मांगी फिरौती
परिवार का कहना है कि संपर्क टूटने के बाद एक शख्स ने फोन कर खुद को ‘खान’ बताया और तीनों की रिहाई के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग की। रित्विक के दादा कानूभाई जंसारी का दावा है कि अपहरणकर्ताओं को पहले ही 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। स्थानीय एजेंट अल्पेश पांचाल ने भी कहा है कि अपहरण के बाद 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी 1 करोड़ रुपये की मांग जारी है।
ममता के पिता ने कहा कि तीनों में उनकी बेटी, उनके साले का बेटा और उनकी साली की बेटी शामिल हैं। परिवार ने एजेंट को बड़ी रकम दी थी और पूरी यात्रा के दौरान उस पर भरोसा किया। परिवार अब सरकार से मदद मांग रहा है ताकि तीनों सुरक्षित वापस आ सकें।
पुलिस जांच में जुटी
लांगनाज पुलिस के अनुसार परिवार ने संपर्क टूटने के बाद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इथियोपिया पहुंचने के बाद तीनों के साथ क्या हुआ, यात्रा से जुड़े एजेंटों की भूमिका क्या थी और फिरौती मांगने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल तीनों लापता बताए गए हैं और कथित अपहरण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



