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Weather Update: जाते-जाते मानसून का असर, यूपी-दिल्ली-बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट

नई दिल्ली: देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार समेत देश के करीब 15 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों की आवाजाही और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के झोंके (Gusty Winds) और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

किन-किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी?

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मौसमी गतिविधियों का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा। मुख्य प्रभावित राज्य निम्नलिखित हैं:

  • उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में तेज बादलों के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
  • मध्य और दक्षिण भारत: मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में भी रुक-रुक कर बारिश दर्ज हो सकती है।

तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका

आईएमडी ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि मौसमी परिसंचरण के कारण वायुमंडल में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे अचानक गरज-चमक के साथ आंधी जैसी स्थिति बन सकती है। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, टीन शेड और कमजोर पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मानसून की विदाई और मौसम प्रणाली का असर

आमतौर पर अक्टूबर की शुरुआत में उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून पूरी तरह लौटने की प्रक्रिया में होता है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के मेल से नमी का प्रवाह फिर से बढ़ गया है। यही कारण है कि विदाई के चरण में भी कई राज्यों में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की जा रही है। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और उत्तर भारत में सुबह-शाम ठंड की शुरुआत महसूस होने लगेगी।

मौसम विभाग की महत्वपूर्ण एडवाइजरी

मौसम के बिगड़े रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं:

  • तेज हवा और बारिश के दौरान बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।
  • किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध करें।
  • शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए जल-जमाव वाले अंडरपास और निचले इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

नवीन कुमार

झारखंड के परिवेश से जुड़े रहे हैं। पहाड़, जंगल और छोटे कस्बों की जिंदगी उन्होंने करीब से देखी है। परिवार में सादगी और मेहनत का मूल्य सिखाया गया। वे लोगों से मिलना, उनकी बात सुनना और स्थानीय मेलों-त्योहारों में शामिल होना पसंद करते हैं। उनकी पहचान सीधेपन और जमीन से जुड़े रहन-सहन से है।

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