गंडक बाढ़ में लापरवाही पर 7 इंजीनियर निलंबित, पप्पू यादव ने विजय कुमार चौधरी से मांगा इस्तीफा

पटना। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने गंडक क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों की मरम्मत और विभागीय ठेकों को लेकर गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केवल इंजीनियरों को निलंबित करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती और मंत्री को इसका दायित्व लेना चाहिए।
जल संसाधन विभाग ने गंडक बेसिन में बाढ़ से निपटने के दौरान कथित लापरवाही के आरोप में सात इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबित अधिकारियों में सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद साजिद इकबाल, सहायक अभियंता सुनील कुमार, विनोद कुमार और मोहम्मद जावेद अंसारी तथा कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार और विकास कुमार शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता मनोज कुमार गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। विभाग के अनुसार, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद गंडक में असाधारण जलस्राव हुआ और स्थानीय स्तर पर आकस्मिक मरम्मत तथा संसाधन जुटाने में देरी पाई गई।
तटबंध और ठेकों पर आरोप
पप्पू यादव का आरोप है कि बाढ़ और बांध मरम्मत के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता हो रही है और छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। उन्होंने SP Singla, श्रीराम कंस्ट्रक्शन और श्याम स्टील जैसी कंपनियों के ठेकों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का दावा किया है। उनके मुताबिक, उन्होंने SP Singla के खिलाफ कई पत्र लिखे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नालंदा के संवेदक मुन्ना सिंह के खिलाफ भी जांच की मांग की है।
सांसद ने कोसी-मेची लिंक परियोजना समेत जल संसाधन विभाग की कई योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और ठेकों में एकाधिकार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दक्षिण भारत की कुछ निर्माण कंपनियां बिहार से पैसा बाहर ले जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाढ़ के दौरान कथित अनियमितताओं के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। ये आरोप अभी उनकी ओर से लगाए गए दावे हैं और इनकी स्वतंत्र जांच की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
राहत और एमएलसी चुनाव पर बयान
इससे पहले छपरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पप्पू यादव ने जनरेटर, पॉलीथीन, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधा और हैंडपंप की कमी का दावा किया था। उन्होंने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की राहत की मांग की और सिंचाई विभाग से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को सारण के दुर्गम इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
पटना स्नातक सीट के एमएलसी चुनाव पर पप्पू यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भारी खर्च हो रहा है और ऐसे लोगों को टिकट दिया जा रहा है जिन पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद को उन्होंने आपसी मामला बताया। जेडीयू ने अनंत सिंह के विरोध के बावजूद पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अनंत सिंह जन सुराज के अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।



