कश्मीर पर एर्दोगान के UNGA बयान को भारत ने खारिज किया, कहा- किसी बाहरी पक्ष का कोई अधिकार नहीं

नई दिल्ली: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का जिक्र करने वाले तुर्की राष्ट्रपति रेजेप ताइप एर्दोगान के बयान को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह मामला भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा है और इस पर किसी बाहरी पक्ष का कोई अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नियमित प्रेस वार्ता में एर्दोगान के बयान पर सवाल का जवाब देते हुए कहा, “आपने देखा होगा कि जिन टिप्पणियों का आपने जिक्र किया, वे तुर्की राष्ट्रपति द्वारा की गई थीं। भारत तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए संबोधन के दौरान भारत और भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अनावश्यक संदर्भों को खारिज करता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह मामला, जैसा आप समझेंगे, भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से संबंधित है और इस मुद्दे पर किसी बाहरी पक्ष का कोई लोक्स स्टैंडी नहीं है।”
एर्दोगान ने 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि दक्षिण एशिया में सभी विवादों, जिनमें कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है, को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के ढांचे में संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
भारत का लंबे समय से यही रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। एर्दोगान इससे पहले भी कई बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का जिक्र कर चुके हैं, जिनका भारत ने हर बार विरोध किया है।



