राज्योत्सव की भव्यता को अंतिम रूप देने मैदान में उतरा प्रशासन, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा2 नवंबर को मिनी स्टेडियम में सजेगा राज्योत्सव का भव्य मंच।

विकास नंद/सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 को भव्य, आकर्षक और गरिमामय स्वरूप देने जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कार्यक्रम स्थल मिनी स्टेडियम पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई, सजावट, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्योत्सव के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित और यादगार बन सके।
कलेक्टर ने आयोजन स्थल पर आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए बैठक व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, आवागमन और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान, समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए आयोजन में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और उपलब्धियों की झलक प्रभावी रूप से दिखाई देनी चाहिए।
सांसद रूपकुमारी चौधरी होंगी मुख्य अतिथि
महासमुंद जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में 2 नवंबर को आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।जिला प्रशासन का प्रयास है कि राज्योत्सव का आयोजन आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने और जिले की विकास यात्रा के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हो। तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है।

