डिजिपब इंडिया ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की, पत्रकारों की हिरासत पर उठाए सवाल
डिजिपब इंडिया ने आज जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों, डिजिटल क्रिएटर्स और नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है.
संगठन ने कहा कि अपने काम को शांतिपूर्वक कर रहे पत्रकारों को प्रेस कार्ड दिखाने के बावजूद हिरासत में लिया गया.
संगठन ने कहा कि यह कानून लागू करना नहीं, बल्कि डराने-धमकाने की कोशिश है, प्रेस की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर हमला है.
डिजिपब इंडिया ने हिरासत में लिए गए पत्रकार और डिजिटल क्रिएटर्स की लिस्ट भी जारी की है. संगठन ने बताया कि न्यूज़लॉन्ड्री के अश्विन सिंह, स्क्रॉल के आयुष तिवारी समते कई पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है.
संगठन ने कहा, जो राज्य नागरिकों को अपनी असहमति की आवाज़ उठाने से रोकने के लिए राजधानी को बंद कर देता है, वह कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख रहा होता, बल्कि लोकतंत्र की आवाज़ को दबा रहा होता है.
डिजिपब इंडिया क्या है?
डिजिपब न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन का गठन डिजिटल मीडिया संगठनों द्वारा किया गया है. इसका मकसद एक ऐसा मंच बनाना है जो डिजिटल समाचार मीडिया संस्थानों का प्रतिनिधित्व करे. इसकी सदस्यता केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले समाचार संगठनों के साथ-साथ डिजिटल न्यूज़ क्षेत्र में सक्रिय मीडिया विश्लेषकों और स्वतंत्र पत्रकारों के लिए भी खुली है.(bbc.com/hindi)



