एसएमई के लिए ऋण उपलब्धता, सुरक्षित लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वित्त पर विमर्श
एचएनएलय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
रायपुर, 24 अक्टूबर। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने बताया कि अपने विश्व व्यापार संगठन एवं विश्व बौद्धिक संपदा संगठन अध्ययन केंद्र तथा विधि एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय के माध्यम से, संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रीय केंद्र के सहयोग से 8 दिसंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत आयोजित एशिया प्रशांत दिवस-2026 के अवसर पर होने वाली इस संगोष्ठी का विषय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ऋण की उपलब्धता, सुरक्षित लेन-देन, व्यापार वित्त और संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के आदर्श विधायी प्रारूप है। यह संगोष्ठी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी।
एचएनएलयू ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के एशिया प्रशांत दिवस एक वार्षिक प्रमुख शैक्षणिक श्रृंखला है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में आयोग के एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रीय केंद्र द्वारा दिसंबर 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उस प्रस्ताव की स्मृति में की गई थी, जिसके माध्यम से आयोग की स्थापना हुई थी। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य यह समझना है कि आधुनिक सुरक्षित लेन-देन संबंधी विधिक ढांचे किस प्रकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के सामने वित्तपोषण की कमी की समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं।
एचएनएलयू ने बताया कि इसके साथ ही सीमा-पार व्यापार, डिजिटलीकरण और वाणिज्यिक गारंटी के बदलते स्वरूप से उत्पन्न चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के वित्तपोषण, व्यापार सुविधा, डिजिटल वाणिज्य और सीमा-पार विवाद समाधान के व्यापक संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग की विधायी एवं नीतिगत पहलों का विश्लेषण किया जाएगा।
एचएनएलयू ने बताया कि संगोष्ठी के अंतर्गत उद्घाटन समारोह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के वित्तपोषण का भविष्य, संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग के विधिक ढांचे, सीमा-पार व्यापार और उभरती चुनौतियों विषय पर परिचर्चा तथा शोध-पत्र प्रस्तुतियों के लिए तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत और विदेशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विधि एवं व्यापार क्षेत्र के विशेषज्ञों, नीतिनिर्माताओं, उद्योग एवं वित्तीय क्षेत्र के पेशेवरों, विद्वानों तथा विद्यार्थियों को सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। संगोष्ठी में पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।



