छत्तीसगढ़

सरकारी सब्सिडी के बावजूद उड़ानें बंद, विमानन विभाग की नीति पर सवाल

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा- वायु योजना में खुली टेंडर प्रक्रिया अपनाए सरकार, एलायंस

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 11 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में हवाई सेवाओं को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने राज्य सरकार और विमानन विभाग की कार्यप्रणाली पर हमला बोला है। समिति का कहना है कि सरकारी सब्सिडी दिए जाने के बावजूद बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर से उड़ानें नियमित नहीं चल पा रही हैं। इसके पीछे उसने दूरदर्शिता की कमी, अधिकारियों के मनमाने फैसलों और राजनीतिक नेतृत्व की कमजोर निगरानी को जिम्मेदार ठहराया है।

समिति ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ में उड़ान योजना के तहत विमानन कंपनियों को दी जाने वाली सब्सिडी खुली टेंडर प्रक्रिया के जरिए आवंटित की जाए, ताकि दूसरी कंपनियों को भी सेवा देने का मौका मिल सके।

समिति के मुताबिक, राज्य के विमानन और वित्त विभाग सब्सिडी के इस्तेमाल के लिए लगातार एलायंस एयर पर निर्भर हैं। यह सरकारी कंपनी है और उसे बिना टेंडर सीधे बातचीत के जरिए सब्सिडी दी जा रही है। समिति का आरोप है कि सेवा देने के लिए कंपनी की वास्तविक क्षमता का पर्याप्त आकलन किए बिना यह व्यवस्था जारी रखी गई है।

समिति ने दावा किया कि एलायंस एयर के पास 20 विमान होने के बावजूद अधिकांश विमान सेवा से बाहर हैं। विमानों की कमी के कारण उड़ानें रद्द होती रहती हैं और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।

समिति ने उड़ानों के संचालन में बार-बार बदलाव को कुप्रबंधन का उदाहरण बताया। उसके अनुसार, बिलासपुर से प्रयागराज की उड़ान पहले सप्ताह में चार दिन चलती थी। इसे घटाकर दो दिन और फिर एक दिन किया गया, जिसके बाद सेवा बंद हो गई।

इसी तरह बिलासपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान को अनावश्यक रूप से दूसरे रास्ते पर मोड़ने से सेवा प्रभावित हुई। समिति ने जगदलपुर से बिलासपुर होकर दिल्ली की उड़ान चलाने के बजाय जबलपुर के रास्ते रूट तय किए जाने पर भी सवाल उठाए। अंबिकापुर से दिल्ली की उड़ान को रीवा के बजाय बिलासपुर के रास्ते चलाने के फैसले को भी उसने गलत बताया।

समिति का कहना है कि राज्य के गैर-रायपुर शहरों में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत नहीं हो पा रही है। अधिकारियों के फैसलों पर राजनीतिक नेतृत्व का प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से योजनाएं यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रही हैं।

उसने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उड़ान योजना की सब्सिडी के लिए खुली टेंडर प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर दूसरी विमानन कंपनियों के लिए अवसर सीमित रहेंगे और हवाई सेवाएं अनिश्चितता के बीच चलती रहेंगी।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। इसमें ऋषि राज सिंह गौतम, विभूतिभूषण गौतम, बद्री यादव, शिरीष कश्यप, देवेंद्र सिंह ठाकुर, संतोष पिपलवा, प्रतीक तिवारी, मोहन जायसवाल, मजहर खान, मनोज तिवारी, प्रकाश बरनानी, संदीप बाजपेयी, अखिल अली, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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