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फ्लाईदुबई विमान हादसा: 34,000 फीट की ऊंचाई पर मंडराया मौत का साया, जानिए कैसे भारतीय पायलट ने बचाई 180 जानें

हाल ही में फ्लाईदुबई (Flydubai) के एक यात्री विमान में हवा के बीचों-बीच एक बेहद खौफनाक स्थिति पैदा हो गई। विमान जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब कॉकपिट के अंदर को-पायलट द्वारा अप्रत्याशित और जानलेवा हमला किया गया। हालांकि, भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) की असाधारण बहादुरी और सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और 27 बच्चों समेत सभी 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बच गई।

टॉपफ्लायर पायलट ट्रेनिंग के फाउंडर कैप्टन सुजीत ओझा ने इस पूरी घटना का बारीकी से विश्लेषण किया है। उन्होंने सिमुलेटर के जरिए विस्तार से बताया कि कॉकपिट में अचानक हुए इस हमले के दौरान कैसे बेहद मुश्किल हालात बन गए थे और भारतीय कैप्टन ने कितनी निडरता से इस स्थिति को संभाला।

महज 90 सेकंड में 17,000 फीट नीचे आ गिरा विमान

कैप्टन सुजीत ओझा के अनुसार, हमले के कारण विमान का नियंत्रण बिगड़ गया था और वह तेजी से नीचे की ओर ‘नोज-डाउन’ (Nose-down) स्थिति में आ गया। विमान महज 90 सेकंड के भीतर 34,000 फीट की ऊंचाई से गोता लगाते हुए लगभग 16,600 फीट पर आ पहुंचा। इतनी तेजी से नीचे गिरने के कारण कॉकपिट में मौजूद पायलट और सभी यात्रियों पर अत्यधिक ‘G-फोर्स’ (G-Force) का भयंकर दबाव पड़ रहा था। ऐसे हालात में विमान को संभालना और खुद को स्थिर रखना लगभग नामुमकिन होता है।

घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने दिखाया अदम्य साहस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, को-पायलट द्वारा कुल्हाड़ी से किए गए इस हमले में कैप्टन स्मित माछर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने गजब की सूझबूझ दिखाई। सबसे पहले उन्होंने तुरंत ‘7700’ इमरजेंसी कोड सेट किया, जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को यह संकेत देता है कि विमान गंभीर आपातकालीन स्थिति में है।

कैप्टन ओझा ने बताया कि 9/11 हमलों के बाद से विमानों के कॉकपिट के दरवाजे सुरक्षा के लिहाज से बेहद मजबूत बनाए जाते हैं जिन्हें बाहर से खोलना असंभव होता है। शरीर पर लगे गहरे घावों और गुरुत्वाकर्षण के भारी दबाव (G-Force) के बावजूद, कैप्टन माछर ने हिम्मत नहीं हारी। वह अपनी सीट से उठे और कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा अंदर से खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद ही यात्री और क्रू मेंबर्स कॉकपिट में प्रवेश कर सके और उन्होंने हमलावर को काबू में किया।

सऊदी अरब में हुई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

हमलावर के काबू में आने के बाद, विमान में यात्रा कर रहे अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाईअड्डे पर सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित माछर को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मौत को मात देकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन माछर के इस अदम्य साहस और प्रेजेंस ऑफ माइंड की आज पूरी दुनिया में एक असली हीरो के रूप में सराहना हो रही है।

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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