इस्राएल में 27 अक्टूबर को आम चुनाव, दांव पर नेतन्याहू की सत्ता

-शिवांगी सक्सेना
इस्राएल में मंगलवार, 27 अक्टूबर को आम चुनाव होने हैं. इसका नतीजा तय करेगा कि मौजूदा प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू सत्ता में बने रहेंगे या देश में नई सरकार का गठन होगा. नेतन्याहू के समर्थक उन्हें सुरक्षा के मुद्दे पर मजबूत नेता मानते हैं, जबकि आलोचक 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाते हैं.
गाजा युद्ध से जुड़े कथित युद्ध अपराधों के मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. पूर्व सैन्य प्रमुख गाडी आइसनकाट अपनी नई सेंट्रिस्ट पार्टी याशर के साथ नेतन्याहू को चुनौती दे रहे हैं. गाजा में लड़ाई के दौरान उन्होंने अपने बेटे को खोया था. पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और पूर्व कमांडो व नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी यायर लैपिड ने टुगेदर गठबंधन के तहत हाथ मिलाया है.
पूर्व रक्षा मंत्री एविग्डोर लिबरमान कभी नेतन्याहू के करीबी सहयोगी थे, लेकिन अब उनके मुखर आलोचक हैं. उनकी पार्टी इस्राएल अवर होम को पूर्वी सोवियत संघ से इस्राएल आए प्रवासी समुदाय से काफी समर्थन मिल रहा है.
वहीं नेतन्याहू की सरकार को वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर जैसे दक्षिणपंथी नेताओं का समर्थन प्राप्त है. दोनों फलस्तीनियों के प्रति अपनी कठोर नीतियों और वेस्ट बैंक में इस्राएली बस्तियों के विस्तार के समर्थन के कारण अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करते रहे हैं.
इस्राएल की संसद में कुल 120 सीटें हैं. किसी सरकार को बहुमत के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन चाहिए. इस्राएल में मतदाता किसी एक उम्मीदवार के बजाय राजनीतिक पार्टी को वोट देते हैं. चुनाव में किसी पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी के अनुपात में उसे संसद में सीटें दी जाती हैं.(dw.com/hi)



